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अगर आपके बच्चे स्कूली बसों से जाते हैं स्कूल, तो इस खबर को अवश्य पढे, जाने स्कूली बसों के क्या हैं मानक

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विजय श्रीवास्तव
-न होने पर स्कूल प्रशासन से करें शिकायत
-उच्चतम न्यायालय ने बसो की सुरक्षा हेतू निर्धारित कर रखे हैं मानक
वाराणसी। अगर आपका बच्चा स्कूल में पढता है और वह स्कूली बस या किसी अन्य वाहन से जाता है तो निश्चय ही इस खबर को पढे। उच्चतम न्यायालय ने स्कूली बसों व बच्चों को ले जाने वाहनों के लिए मानक निर्धारित कर रखे हैं। अगर काई भी स्कूली बस या अन्य कोई भी वाहन इन मानकों को पूरा नहीं करता है आप तत्काल स्कूल प्रबन्धक से बात करें और अगर आपकी बात वहीं नहीं सुनी जा रही है तो तत्काल प्रशासन से इसकी शिकायत करें। हमने खबर में वाराणसी के कई प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाइल नम्बर दिए है जिसपर आप फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शुक्रवार को सीएम एग्लो बंगाली इण्टर कालेज भेलूपुर वाराणसी में जनपद वाराणसी के समस्त स्कूल के प्रधानाचार्यो एवं यातायात पुलिस की समन्वय की एक गोष्ठी की गयी है। इसी संदर्भ में विद्यालय/स्कूल में चलने वाली स्कूल वाहन/बसों में यात्रा करने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बसों के सम्बन्ध में मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं परिवहन आयुक्त उ0प्र0 द्वारा निर्धारित मानक को पूर्ण कराये जाने हेतु बसों के सुरक्षा शुक्रवार को एक गोष्ठी सम्पन्न हुई जिसमें स्कूल के प्रबन्धक व प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। इसमें जो मानक है उसे जानेः-
1. स्कूल बस के आगे व पीछे बडे अक्षरों में ’’स्कूल बस‘‘ एवं अनुबन्धित बसों पर आगे व पीछे ‘‘आॅन स्कूल ड्यूटी’’ लिखा होना चाहिए।
2. प्रत्येक स्कूल बस पर स्कूल का नाम तथा टेलीफोन नं0 लिखा होना चाहिए।
3. स्कूल बसों की अधिकतम आयु 15 बर्ष होगी।
4. स्कूल बस का रंग गोल्डेन यलो विथ ब्राउनध्ब्लू लाइनिंग होना चाहिए।
5. प्रत्येक स्कूल बस में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
6. प्रत्येक स्कूल बस में फसर््ट-एड बाक्स रखना अनिवार्य होगा।
7. बस में प्रेशर हार्न अथवा टोनल साउण्ड सिस्टम प्रतिबंधित होगा।
8. कोई भी बस पंजीकृत सीटिग क्षमता से डेढ़ गुना से अधिक बच्चो को बस में नही बैठाएगा।
9. स्कूल बस चालक का ड्राइविंग लाइसेन्स व्यवसायिक होगा, जो कम से कम 05 बर्ष पुराना हो तथा उस पर स्कूल बस चलाने का बैज अंकित हो।
10. बस की सीट्स की खिड़की के शीशे और चैनल इस प्रकार के लगे हो कि बच्चा अपनी गर्दन या सिर खिड़की से बाहर न निकाल सके, किन्तु हवा से वंचित भी न रहें।
11. स्कूल बसध्वाहन चालक द्वारा वाहन चलाते समय न तो मोबाईल फोन का प्रयोग एवंन ही कान में ईयरफोन लगाकर वाहन संचालन किया जायेगा।
12. कामर्शियलध्निजी वाहन अनाधिकृत एल0पी0जी0 किट लगाकर संचालित न किया जायेगा।
13. स्कूल बसध्वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र परिवहन विभाग से अवश्य प्राप्त कर लिया जाय।
14. स्कूल बसध्वाहन चालको का नेत्र परीक्षण अवश्य करा लिया जाय।

2-स्कूल-विद्यालय में पार्किग व्यवस्थाः-
जनपद के समस्त स्कूल के प्रधानाचार्य/व्यवस्थापक से अनुरोध हैं कि अपने विद्यालय के स्कूली वाहनों को निर्धारित परिसरध्पार्किग स्थल पर ही वाहनों को पार्क कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
प्रायः यह देखने में आता हैं कि स्कूल/विद्यालय में बच्चों को छोडने के बाद स्कूली वाहन सडक पर या इधर-उधर खडे कर दिया जाता हैं जिसके कारण अनावश्यक रूप से जाम आदि की समस्या उत्पन्न होती है। जो उक्त कृत्य भारतीय दण्ड विधान 1860 की धारा 268 का उल्लघन हैं। जिसमें धारा 290 भादवि में प्रथम बार के उल्लघन में 200 रूपया का जूर्माने तथा अपराध पुनरावृत्ति करने पर या जारी रखने पर धारा 292 भादवि के अन्तर्गत सादा कारावास से जिसकी अवधि 6 माह तक भी हो सकेगी या जूर्माने से या दोनो से दण्डित किया जायेगा।
3-स्कूल/विद्यालय के स्कूली बच्चों को यातायात नियमों का प्रशिक्षण-
बच्चे देश की अमूल्य धरोहर व देश का भविष्य हैं, जिनकी रक्षा किया जाना हमारा परम कर्तव्य हैं। बच्चों को शिक्षित कर ही हम भविष्य के लिए अच्छे नागरिक तैयार कर सकते है। स्कूलध्कालेज अनुशासन के प्रथम सोपान हैं, यदि स्कूलध्कालेज के बच्चों व शिक्षकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता उत्पन्न कर दी जाय तो वे यातायात नियमों के पति सजग रहेगे तथा उनका पूर्ण अनुपालन करने का तत्पर रहेगे, इससे सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा तथा सड़को पर अनुशासित यातायात परिलक्षित होगा। साथ ही साथ बच्चों के जागरूक होने पर उनके अभिभावक व अन्य वयस्को पर भी इसका अच्छा संदेश जायेगा और वे भी यातायात नियमों के प्रति सजग रहेगे। उपरोक्त के सम्बन्ध में जनपद के स्कूल प्रबन्धन से अनुरोध हैं कि अपने स्कूलध्विद्यालय में स्कूली छात्र-छात्रो को यातायात नियमों से अभिज्ञानित कराये एवं समय-समय पर यातायात प्रशिक्षकों को आमत्रित करके बच्चों को प्रशिक्षण दिलाकर यातायात नियमों की पूर्ण जानकारी प्रदान कराये जाने की व्यवस्था करे।
4-यातायात पुलिस सहायता सम्पर्क नम्बर-
1. श्री सुरेश चन्द्र रावत, पुलिस अधीक्षक यातायात वाटसअप नम्बर 9454401874
2. श्री अर्जुन सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात वाटसअप नम्बर 9454401647
3. श्री जगतराम कनौजिया, यातायात निरीक्षक हवाटसअप नम्बर 9454402409
5. यातायात कन्ट्रोल रूम नम्बर 9454401645ध्7839856893
6. यातायात पुलिस लाइन्स वाराणसी 05422505061

उक्त सम्बन्ध में गोष्ठी में उपस्थित विद्यालय के प्रधानाचार्यो को उपरोक्त दिशा-निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराकर अपने-अपने स्कूल/विद्यालय में लागू कराये जाने की अपेक्षा गयी है। उक्त गोष्ठी में श्री सुरेश चन्द्र रावत, पुलिस अधीक्षक यातायात वाराणसी, श्री अर्जुन सिंह क्षेत्राधिकारी यातायात, प्रतिसार निरीक्षक तकनीकी परिवहन विभाग वाराणसी, श्री जगतराम कनौजिया, यातायात निरीक्षक प्रथम वाराणसी, श्री राजीव द्विवेदी, यातायात निरीक्षक तृतीय वाराणसी, श्री अबिचल पाण्डेय प्रभारी यातायात निरीक्षक द्वितीय वाराणसी एवं श्री डी0के0 मिश्रा प्रधानाचार्य ग्लेनहिल स्कूल मडुवाडीह, श्रीमती नेहा सिंह प्रधानाचार्य ज्ञानदीप इग्लिश स्कूल वाराणसी, श्री राधाकान्त मिश्रा, प्रधानाचार्य डी0ए0वी इण्टर कालेज वाराणसी, श्री वी0के0 मिश्रा, प्रधानाचार्य डालमिस सनबीम स्कूल वाराणसी समेत कुल 137 प्रमुख स्कूलध्विद्यालय के प्रधानाचायो ने प्रतिभाग किया। डा0 विश्वनाथ प्रसाद दूबे, प्रधानाचार्य सी0एम0 एग्लो बंगाली कालेज भेलूपुर वाराणसी द्वारा उक्त गोष्ठी का सकुशल आयोजन किया गया तथा बैठक की समाप्ति पर सबको धन्यबाद प्रेषित किया गया।

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