Breaking News

यूपी में अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा में धरने पर बैठे 100 से अधिक भाजपा के विधायक, धरना खत्म

राजनीतिक डेस्क
-लखनऊ से दिल्ली तक की टीम विधायकों को मनाने में जुटी
-बीजेपी विधायक नंद किशोर को बोलने से रोका गया
-विधायकों ने लगाए एकता जिन्दाबाद के नारें
-भाजपा के साथ सपा, कांग्रेस के विधायक भी धरने पर बैठे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानमंडल सत्र में पहली बार ऐसा हुआ कि सत्ता पक्ष के कारण विधानमंडल में विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हुई। यह वाकया उस समय हुआ जब भाजपा के एक विधायक पुलिस द्धारा स्वंय प्रताड़ित किए जाने के बाबत बोलने के लिए उठे लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। जिसपर उत्तर प्रदेश के बीजेपी के लगभग 150 से अधिक विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा के अंदर धरने पर बैठ गये। इस दौरान बीजेपी विधायकों के साथ-साथ विपक्ष के भी तमाम विधायक सदन में धरने पर बैठे । धरने में बैठे विधायक एकता जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे ।हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के आश्वासन के बाद विधायकों ने धरना खत्म कर दिया। विधायकों की मांग थी कि गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर सिंह को सदन में बुलकर दंडित किया जाए। अगर उनपर कार्रवाई नहीं होती है तो विधायक बुधवार को 11 बजे फिर हंगामा करेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हंगामा की स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब गाजियाबाद से लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर पुलिस उत्पीडन के खिलाफ सदन में अपना पक्ष रखना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला इस पर भाजपा के कई अन्य सदस्य खड़े हो गए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पहले आधे घंटे और उसके बाद 15 -15 मिनट के लिए सदन दो बार और स्थगित किया। स्थगन के दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना सहित सरकार के कई मंत्री विधायक नंद किशोर को समझाने का प्रयास करते रहे। सदन जैसे ही शुरू हुआ सत्ता पक्ष के विधायक खड़े हो गए। इसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कल 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया। एक बार फिर कार्यवाही शुरू होने के बाद हंगामा होने के कारण कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी। इस पर सदन में भाजपा विधायकों के साथ विपक्ष के भी लगभग 200 से अधिक विधायक सरकार की तानाशाही के खिलाफ धरने पर बैठे कर एकता के नारें लगाने लगे।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज विधानमंडल के मानसून सत्र में पहले ही दिन जिस तरह से हंगामा हुआ वह भी उनके ही विधायकों के कारण तो अब योगी सरकार के लिए यह सत्र चलाना बहुत आसान नहीं रहेगा। अपने विधायकों द्धारा इस तरह से मोर्चा खोलने से पार्टी परेशान है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लगाया गया है। अब देखना है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता इस पूरे प्रकरण को कैसे निपटाते हेैं।

Share

Related posts

Share