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अब उत्तर प्रदेश में होगी आर्थिक गणना, मुख्यमंत्री योगी ने किया शुभारंभ

व्यूरो डेस्क
-इस बार सीएससी ई-गवर्नेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड होगी कार्यदायी संस्था
-प्रदेश में यह होगा सातवीं बार आर्थिक गणना
-पहली बार होगा मोबाइल एप का इस्तेमा
-दो लाख प्रशिक्षित कर्मी साढ़े तीन माह में इस काम को पूरा करेंगे

लखनऊ। प्रदेश सरकार अब उत्तर प्रदेश में आर्थिक गणना करायेगी। सातवीं बार होने वाले इस आर्थिक गणना में पहली बार डिजिटल इंडिया अभियान का असर पूरी तरह से दिखेगा। इस बार आर्थिक गणना मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जायेगा। गुरूवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में आर्थिक गणना का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। यह आर्थिक गणना दो लाख प्रशिक्षित कर्मी साढ़े तीन माह में इस काम को पूरा करेंगे।
प्रदेश में सातवीं आर्थिक गणना के लिए इस बार सीएससी ई-गवर्नेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। राजधानी से शुभारंभ होने के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में आर्थिक गणना का काम शुरू हो जाएगा। इस कार्य में दो लाख प्रशिक्षित कार्मिक और 60 हजार पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। सर्वेक्षण के बाद दो स्तर पर परिणाम घोषित किए जाएंगे। जिला स्तर पर जिलाधिकारी और प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव परिणाम घोषित करेंगे।
लोकभवन में आर्थिक गणना का शुभारंभ मोबाइल एप के माध्यम से करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि यह गणना सटीक हुई तो उप्र आर्थिक महाशक्ति बनेगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक गणना का अपना महत्व है। इसमें वह उद्योग और संस्थाएं शामिल होती हैं, जिनका अर्थ व्यवस्था में अहम योगदान है। सही आंकड़ों से सरकार तय कर सकती है कि कैसी आर्थिक कार्ययोजना बनाई जाए। इस अवसर पर प्रयागराज का उल्लेख करते हुए योगी ने उदाहरण दिया कि जिला प्रशासन ने सही तथ्य जुटाए तो हम प्रयागराज में ठेले-रेहड़ी वालों का पुनर्वास कर सड़कें अतिक्रमणमुक्त कर सके। कुंभ स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था का मानक बना। उन्होंने कहा कि देश आजाद हुआ, तब उप्र में प्रति व्यक्ति आय देश के औसत के बराबर थी लेकिन, पारंपरिक उद्योगों पर ध्यान न देने से यह पिछड़ती गई और आधे पर पहुंच गई। 2017 से हमने एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू कर पारंपरिक उद्योग को प्रोत्साहन दिया कि निर्यात में सर्वाधिक 28 फीसद की वृद्धि उप्र में हुई।
इस दौरान वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव आरके तिवारी, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रलय भारत सरकार के महानिदेशक विजय कुमार, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उपमहानिदेशक सीएस मिश्र और अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश भी थे।

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