अब यूपी के कार्यालयों में उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था

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-नये सीएम के दिशा निर्देश से कर्मचारियों में हड़कंप
-व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए कई  निर्देश जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आमजन को कार्यालयों में आराम से अपने कार्यो को कराने में गुड फील करने के मद्देनजर पूरी तरह से एक्शन में हैं। कार्यालयों मेें कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए अब योगी ने यूपी में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है वहीं सभी कर्मचारियों को अपने कार्यालय की सफाई स्वंय सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है। योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए कई नए निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही योगी आदित्य नाथ ने इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, गोरखपुर और झांसी नगरों में  मेट्रो चलाने के लिए तेजी से डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कार्यालय में कर्मचारियों के अधिकतर गायब रहने के शिकायत पर एक्शन लेते हुए कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया हैं। इसके साथ ही जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणात्मक निस्तारण पर जोर दिया जायए। अपने निर्दश में उन्होंने आमजनता को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए राजकीय अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया है। साथ ही साथ  सस्ती दर पर उपलब्ध होने वाली जेनेरिक दवाओं की 3 हजार दुकानें खोलने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।  गेहूं खरीद की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही गेहूं खरीद लक्ष्य को 40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर लगभग 80 लाख मीट्रिक टन करने का निर्देश दिया है।
एन्टी रोमियो टीम को आगाह करते हुए उन्होंने निर्देश दिया है कि युवक और युवती आपसी सहमति से कहीं बैठे हैं या कहीं जा रहे हैं तो उन पर कार्रवाई कतई न की जाए। प्रदेश की सभी क्षेत्रिय भाषाओं एवं संस्कृतियों के विकास के लिए कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने भाषा विभाग में राजनैतिक नियुक्तियों को तत्काल प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है।
अपने निर्देश में उन्होनंे कहा है कि सूखा एवं बाढ़ से होने वाली जन हानि के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही पंजीकृत दागी फर्गों एवं माफिया किस्म के ठेकेदारों को रडार पर लेते हुए उन्होंने कहा है कि उनका पंजीयन समाप्त कर अच्छी संस्थाओं एवं व्यक्तियों को मौका दिया जाए। योगी ने कहा है कि अवैध खनन की शिकायतों के लिए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे जिम्मेदार होंगे। अपराधियों, तस्करों, भू माफियाओं आदि पर बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही साथ थानों एवं तहसीलों में फरियादियों के लिए बैठने एवं पानी पीने की व्यवस्था अवश्य की जाए।

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