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अभी तक सरकार ने 1200 कानून समाप्त किए : पीएम मोदी

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-कहा, एसएमएस से क्यों न मुकदमें की तारिख देने की पंरपरा की हो शुरूआत
-इलाहाबाद हाई कोर्ट  की 150वीं सालगिरह कार्यक्रम में मोदी-यागी एक मंच पर
-तीन साल में खत्म किए 1200 कानून
-योगी बोले- कानून से बड़ा कोई नहीं
इलाहाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत एक नई ऊर्जा, नई प्रेरणा, नए संकल्प और नए भारत के सपने को पूरा करने ताकत बन सकता है। भारत का जो न्याय विश्व है, उस न्याय विश्व में इलाहाबाद, 150 साल पुरानी कोर्ट, भारत के न्याय विश्व का ये तीर्थ क्षेत्र है। श्री मोदी ने कहा कि यहां ज्यादा से ज्यादा तकनीक का उपयोग करने पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि न्याय व्यवस्था में तकनीक का उपयोग हो। मोबाइल फोन पर, एसएमएस पर डेट लेने देने की परंपरा क्यों न शुरू करें। तकनीक से वकीलों का काम आसान हुआ है।
रविवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं सालगिरह के मौके पर श्री मोदी ने कहा कि 50 साल पहले डॉक्टर राधा कृष्णन ने क्या कहा था- कानून एक ऐसी चीज है जो लगातार बदलती रहती है, कानून लोगों के स्वभाव के अनकूल होना चाहिए। पारंपरिक मूल्यों के अनकूल होना चाहिए। साथ ही कानून को आधुनिक चुनौतियों का भी ध्यान रखना चाहिए। कानून की समीक्षा के वक्त इन सब बातों पर ध्यान रखना चाहिए। किस तरह की जिंदगी हम गुजारना चाहते हैं। कानून का अंतिम लक्ष्य क्या है, सभी लोगों का कल्याण. सिर्फ अमीर लोगों का कल्याण नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का कल्याण, यही कानून का लक्ष्य है, इसे पूरा किए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। मोदी ने कहा कि मैं नए कानून कितने बनाऊंगा ये मुझे मालूम नहीं है लेकिन कहा था कि पीएम बन गया तो हर दिन एक कानून खत्म जरूर करूंगा। इस बोझ को कैसे कम किया जाएगा, चीफ जस्टिस भी इसी लेकर चिंतित हैं. हमको खुशी है कि 5 साल पूरे नहीं हुए हैं और । उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस साहेब अभी दिल की बात बता रहे थे और मैं मन से सुन रहा था। मैं उनके हर शब्द में पीड़ा अनुभव कर रहा था, कुछ कर गुजरने के इरादे को अनुभव कर रहा था। भारत के न्याय क्षेत्र और मुझे विश्वास है कि उनके संकल्प पूरे होंगे। जहां तक सरकार का सवाल है जिस संकल्प को लेकर प्रेरित कर रहे हैं, हम उसे पूरा करने का भरपूर प्रयास करेंगे।
श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल पूरे हो गए। 2022 में आजादी के 75 साल होंगे, इलाहाबाद से देश को प्रेरणा मिल सकती है क्या? जो ललक, जुनून आजादी के आंदोलन के वक्त दिखती थी क्या इन पांच सालों में ये जज्बा पैदा कर सकते हैं कि हिंदुस्तान को यहां ले जाएंगे. जो जहां है वहां, वहीं से 2022 के लिए रोड मैप, संकल्प तय कर सकता है।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीआईजे खेहर ने जजों की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट और निचली अदालतों के जजों पर भारी बोझ है। जस्टिस खेहर ने कोर्ट में लंबित मामलों पर भी चिंता जताई। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मन की बात करते हैं, देश सुनता है। अब मुझे मेरे दिल की बात करने दें। चीफ जस्टिस ने लंबे समय से लंबित पड़े मामलों से निपटने के लिए जजों को छुट्टी में भी मामले निपटाने के लिए कहा है।
इस मौके पर यूपी के सीएम योगी ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं होता है। कानून का स्थान शासकों से ऊपर होता है। कानून शासकों का शासक है। वादियों को निष्पक्ष न्याय देना सरकार का कर्तव्य है। कानून से ही समाज चलता है। न्याय और विधि एक-दूसरे के पूरक हैं। न्याय व्यवस्था देश और समय के साथ बदलती रही है। इलाहाबाद हाई कोर्ट देश का सबसे बड़ा हाई कोर्ट है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं।
इस दौरान कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ ही अलग-अलग हाई कोर्ट के जज भी समारोह में मौजूद रहें।

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