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अमित शाह की अपील के साथ रखे शर्त से किसान नाराज, कहा वे बुराड़ी ग्राउंड नहीं जायेेंगे

विजय श्रीवास्तव
-अमित शाह ने बुराड़ी ग्राउंड में किसानों के जाने के बाद ही बातचीत की रखी थी शर्त
-भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार उनपर दबाब डाल रही है

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गृहमंत्री अमित शाह के बातचीत के अपील को ठुकरा दिया है। अमित शाह ने कल शनिवार को कहा था कि अगर किसान बुराड़ी ग्राउंड जाते हैं तो सरकार उनसे तुरंत बात करने के लिए तैयार है, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत गृह मंत्री की इस शर्त से नाराज हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार उनपर पर दबाव डालने की कोशिश कर रही है। राकेश टिकैत ने कहा कि ये गुंडागर्दी वाली बात है क्या कि वहां पर आओगे तभी बात होगी। राकेश टिकैत ने कहा कि आखिर किसान यहां क्यों आए हैं, क्योंकि उन्हें समस्या है, कभी यहां आए हैं. हम चाहते हैं कि सरकार बात करे।
गौरतलब है कि किसानों के धरने का आज चैथा दिन है। गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव पर किसानों ने फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। अमित शाह ने बुराड़ी ग्राउंड जाने की अपील की थी। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा था कि अगर किसान चाहते हैं कि भारत सरकार जल्द बात करे और 3 दिसंबर से पहले बात करे, तो मेरा आपको आश्वासन है कि जैसी ही आप निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित हो जाते हैं, उसके दूसरे ही दिन भारत सरकार आपकी समस्याओं और मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। उधर राकेश टिकेैत ने कहा है कि अभी तक प्रदर्शन रामलीला मैदान में होता रहा है, निरंकारी मैदान क्यों जाने के लिए सरकार कह रही है। जो कि एक निजी संस्था है. राकेश टिकैत ने कहा कि हमलोग आज यहीं रहेंगे।
केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को विपक्षी पार्टियों को लगातार समर्थन मिल रहा है। अभी तक कांगे्रस, आप के साथ अब बसपा प्रमुख सुश्री मायावती ने भी किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा कृषि से सम्बन्धित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित और आन्दोलित भी हैं. इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केन्द्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर।

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