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आरूषि हत्याकांड पर हाईकोर्ट का फैसला: तलवार दंपति दोषी नहीं, रिहाई का आदेश

aayshi

-डासना जेल में फैसला सुन तलवार दंपत्ति हुए भावुक
-हाई कोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को पलटा
-चार साल से थे जेल में बंद
इलाहाबाद। नौ साल पहले हुई आरूषि तलवार की हत्या के बाबत सीबीआई कोर्ट में मां-बाप को दोषी ठहराये जाने के फैसले को आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उलट दिया। देश को झकझोर कर रख देने वाले आरुषि हत्याकांड पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता राजेश तलवार व माता नुपुर तलवार को बरी कर दिया। कोर्ट ने सीबीआई के 26 विन्दुओ पर दी गयी दलील को नहीं माना और सही सबूत न रख पाने के चलते तलवार दंपत्ति को रिहा कर दिया।
गौरतलब है कि तलवार दंपति ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। 26 नवंबर, 2013 को राजेश और नूपुर को सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसी फैसले को आरुषि के माता-पिता नूपुर और राजेश तलवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। तलवार दंपति इस वक्त गाजियाबाद की डासना जेल में सजा काट रहे हैं। तलवार दंपति की अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात सितंबर को ही सुनवाई पूरी कर ली थी, लेकिन न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्रा की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
गाजियाबाद के डासना जेल में बंद तलवार दंपत्ति ने फैसला आने से पहले राजेश तलवार और नुपुर तलवार भावुक हो गए थे लेकिन जेैसे समाचार चैनलों के माध्यम से जहां जेल में लगे टीवी पर उन्हें जब इसकी सूचना मिली कि कोर्ट ने दोंनो को बरी कर दिया है। तो भावुक होकर एब दूसरे से गले लगा कर रो पडे। फैसले के बाद नुपुर तलवार ने कहा कि आखिर हमें इंसाफ मिल गया। फैसला आने से पहले डासना जेल में बंद तलवार दंपति की सांसें अटकी हुई थी। उन दोनों ने सुबह के वक्त नाश्ता करने से भी इनकार कर दिया था।
जैसा कि आप जानते है कि 15-16 मई, 2008 की रात को आरुषि तलवार का शव नोएडा स्थित उसके घर में बिस्तर पर मिला था। जबकि उनके नौकर का शव छत पर मिला था।
नोएडा के मशहूर डीपीएस में पढ़ने वाली आरुषि के कत्ल ने पूरे देश को झकझोर दिया था।सब कुछ इतने शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था। कत्ल के फौरन बाद शक घर के नौकर हेमराज पर जाहिर किया गया। लेकिन अगले दिन जब हेमराज की लाश घर की छत पर मिलने के बाद से पूरी कहानी ही बदल गयी। पुलिस के फेल होते देख आखिरकार सीबीआई जांच के आदेश दे दिया गया था। काफी जांच पडताल के बाद सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपत्ति को ही दोषी मान कर उन्हें उम्रकैद की सजा सुना दी। तब से तलवार दंपत्ति जेल की सजा काट रहे थे लेकिन आज हाई कोर्ट ने सजा को उलट कर उन्हें बरी कर दिया। इसी के साथ अब एक बार यह प्रश्न यक्ष प्रश्न की तरह एक बार फिर खडा हो गया कि आखिर आयुषि की हत्यारा कौन है।

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