एक दिन में चार रेल हादसे, पीयुष गोयल भी नहीं दे सके रेल को उर्जा

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-रेल मंत्री ने दिए सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश
-एक हादसा एक व्यक्ति के तत्परता से रूक गया
नई दिल्ली। विगत तीन वर्ष में लगभग ढाई दर्जन रेल हादसे होने के बाद आखिरकार रेलमंत्ऱी प्रभु को अपनी कुर्सी गवानी पड़ी। पीएम मोदी ने रेल विभाग को उर्जा मंत्री पियुष गोयल को दे दिया कि वह रेल विभाग में कुछ उर्जा लगायेंगे तो रेल पटरी पर आ जायेगी लेकिन यह क्या एक ही दिन में तीन रेल हादसे ने रेल विभाग के साथ पियुष गोयल की भी नींद उडा दी। गुरुवार को एक ही दिन में चार रेल हादसे हो गए। वेैसे यह गनीमत रही कि इन हादसों में किसी की मौत की खबर नहीं मिली हैं।
गौरतलब है कि विगत एक माह में करीब आधा दर्जन हादसे हुए। जब पीयूष गोयल ने भी नए रेल  मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला तो लगा कि अब इसमें विराम लगेगी। लेकिन आज एक दिन में ही चार रेल हादसे ने रेल विभाग के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया । इन हादसों को लेकर आनन फानन में गुरुवार शाम रेल मंत्री ने मीटिंग भी बुलाई जहां रेल सुरक्षा की समीक्षा की गई।
मालूम हो कि गुरुवार की सुबह रेल हादसों की शुरुआत यूपी के सोनभद्र जिले से हुई। यहां शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतर गयी। ट्रेन हावड़ा से जबलपुर जा रही थी। यह घटना ओबरा थाना क्षेत्र के फफराकुंड इलाके में हुई। इस दौरान उसके 7 डिब्बे पटरी से उतरे। इस ट्रेन में कुल 21 डिब्बे थे। जबकि दूसरा हादसा सोनभद्र हादसे के बाद रांची राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन दिल्ली के शिवाजी ब्रिज के पास रांची राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। रांची राजधानी एक्सप्रेस का इंजन और पावर कार पटरी से उतर गया।  
इसी क्रम में तीसरा हादसा चैथा हादसा गुरुवार शाम को महाराष्ट्र में खंडाला के करीब एक मालगाड़ी के 2 कोच पटरी से उतर गए। जबकि चैथा बडा रेल हादसा होते-होते बचा जब फर्रुखाबाद में एक नौजवान की समझदारी की व तत्परता से हादसा टल गया। दरअसल, फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ पटरी कटी हुई थी, तभी वहां पवन नाम के युवक ने अपनी लाल बनियान को दिखाकर कालिंदी एक्सप्रेस को रुकवा दिया। बताया जाता है कि जहां पर पटरी कटी हुई थी, वहां से 4 ट्रेनें गुजर चुकी थीं। ट्रेन रुकने के बाद कई रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और मरम्मत का काम शुरू किया गया।

 

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