Breaking News

कर्नाटक : सुप्रीम कोर्ट से भाजपा को झटका, शनिवार शाम 4 बजे तक सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश

yyyyy

-कोर्ट ने कहा कि येदियुरप्पा इस बीच कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकती
-गुरूवार को कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की शपथ बीएस येदियुरप्पा ने लिया था
बंगलोर। सुप्रीम कोर्ट से आज भाजपा को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने भाजपा से शनिवार को सांय 4 बजे तक सदन में अपना बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस बीच येदियुरप्पा सरकार को नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेगी। मालूम हो कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के याचिका पर आज दोबारा सुनवाई हो हुई जिसमें कांग्रेस और जेडी-एस ने राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने को चुनौती दी है।
गौरतलब है कि 15 मई को कर्नाटक चुनाव में भाजपा को केवल 104 सीट मिली वहीं कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीट मिली। इसके साथ 2 सीटों पर निर्दल ने कब्जा किया। किसी को बहुमत न मिलने की दशा में कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन दे दिया। जिससे कांग्रेस व जेडीएस की संख्या मिला कर 116 हो गयी। जबकि बहुमत के लिए केवल 112 विधायको की जरूरत है। इसके साथ ही दो निर्दल विधायकों ने भी शुक्रवार को कांग्रेस को समर्थन की घोषणा कर दी। जिससे उनकीे संख्या 120 पहुंच गयी लेकिन इसी बीच कांग्रेस के कुछ विधायकों के भाजपा खेमें में चर्चा से कांग्रेस ने अपने विधायकों को एक रिसार्ट में नजरबंद कर दिया जिससे उसके विधायकों को तोडा नहीं जा सके। इधर बदले घटनाक्रम में 16 को राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने के साथ 15 दिन में बहुमत साबित करने निर्णय सुनाया। जिसपर 16 की रात में कांगे्रस व जेडीएस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटायी। वहां से भाजपा को राहत मिली। कोर्ट ने येदुरप्पा को सीएम के शपथ को रोकने की कांगे्रस की मांग को न मानते हुए शुक्रवार आज 10.30 बजे सुनवाई की बात कहीं। जिसका फायदा उठाते हुए भाजपा ने आनन फानन में गुरूवार को 11 बजे सुबह शपथ लेते हुए आधा दर्जन अधिकारियों को ट्रांसफार्मर कर डाले। तोडफोड के डर से गुरूवार को कांग्रेस व जेडीएस ने अपने विधायकों को हैदराबाद भेज दिया लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट में भाजपा को उस समय झटका लगा जब लम्बी बहस के बाद कोर्ट ने शनिवार को सांय 4 बजे तक अपना बहुमत साबित करने का आदेश सुनाया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा को फ्लोर टेस्ट से पहले कोई भी नीतिगत निर्णय लेने से रोका, साथ ही राज्यपाल के विशेषाधिकार और उसके तहत दिए गए आदेश की न्यायिक जांच के मामलों को लेकर कोर्ट दस हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। वहीं दूसरी ओर बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि हम बहुमत साबित करेंगे। हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है। वैसे बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने तत्काल फ्लोर टेस्ट कराए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए। ये राज्यपाल का विशेषाधिकार है। एक दिन फ्लोर टेस्ट का निर्देश देकर संतुलन नहीं बनाया जा सकता। जबकि वहीं कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि शनिवार को शक्ति परीक्षण के लिए हम तैयार हैं। कांग्रेस के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस के साथ जेडीएस भी जल्दी फ्लोर टेस्ट चाहती है. फ्लोर टेस्ट तुरन्त होना चाहिए।

 

Share

Related posts

Share