आज होगा राष्ट्रपति का चुनाव : भाजपा के राम नाथ कोविन्द व कांग्रेस की मीरा के बीच सीधा मुकाबला

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विजय श्रीवास्तव
-राजग के रामनाथ कोविन्द का पलड़ा भारी
-जीतने के लिए 5,45,606 वैल्यू के मतदान की आवश्कता
वाराणसी। कल यानि सोमवार को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के लिए चुनाव होगा। चुनाव के मद्देनजर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। देश के सर्वोच्च पद के लिए जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद होंगे वहीं विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार होगीं। इन दोंनो के बीच सीधा मुकाबला है। जहां तक दोंनो उम्मीदवारों की बात है तो उसमें राजग के रामनाथ कोविन्द का पलड़ा काफी भारी है।
गौरतलब है कि कोविंद को सत्तारूढ़ राजग के साथ-साथ जनता दल यू, बीजू जनता दल (बीजद), अन्नाद्रमुक, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सहित कई छोटे दलों का भी समर्थन मिल रहा है, जबकि वहीं मीरा कुमार के पक्ष में कांग्रेस के अलावा 16 अन्य दलों का समर्थन है। कोविन्द को बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने अपने समर्थन की पहले की घोषणा कर रखा है। इस तरह से बिहार में महागठबंधन की सरकार का नेतृत्व कर रहे जनता दल यू ने कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद भवन के अलावा सभी राज्यों के विधानमंडलों में मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। संसद के कक्ष संख्या 62 में मतदान होगा। राज्यों में भी चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सांसदों के मतपत्र हरे रंग और विधायकों और विधान पार्षदों के मतपत्र गुलाबी रंग के हैं। मतों की गिनती 20 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होगी। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
कैसे होता है चुनाव और वोटिंग जानें:-
कल होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में मतदान देशभर के सांसद तथा विधायक वोटिंग करते हैं। इस बार होने वाले चुनाव में लोकसभा के सभी कुल 543 सांसद वोट दे सकेंगे। इसके साथ राज्यसभा के कुल 233 सांसद में से 231 ही वोट दे सकेंगे। वहीं पूरे देश के 31 विधानसभा के कुल 4120 विधायक में से 4077 विधायक ही अपने मताधिकार कर सकंेगे। राष्ट्रपति चुनाव में डाले जाने वाले वोट की वैल्यू तय होती है। इसमें राज्य की आबादी का अहम रोल होता है। विधायकों और सांसदों की वोट वैल्यू निकालने के लिए दो अलग-अलग फॉर्मूले का इस्तेमाल किए जाते हैं। ’विधायक’ इनके वोट की वैल्यू तय करने के लिए कुल विधायकों की संख्या में 1000 का मल्टीप्लाई किया जाता है। फिर इससे राज्य की 1971 में रही कुल आबादी को डिवाइड कर दिया जाता है। देशभर के विधायकों के वोटों की टोटल वैल्यू 5,43,218 है। विधायकों की संख्या बीच में कम होने पर किसी राज्य में एक विधायक की वोट वैल्यू नहीं बदलती।
’सांसद’ इनके वोट की वैल्यू निकालने के लिए सभी विधायकों की वोट वैल्यू को सांसदों की संख्या से डिवाइड कर देते हैं। यानी विधायकों की टोटल वैल्यू 5,43,218 को 776 से डिवाइड करेंगे। इससे एक सांसद की वोट वैल्यू 708 निकलेगी। सांसदों की संख्या बीच में कम होने पर यह वोट वैल्यू नहीं बदलती।
लोकसभा 543 सांसद वोट देने के लिए अधीकृत हैं। हर सांसद की वोट वैल्यू 708 है। इसतरह से सभी सांसदों की कुल वोट वैल्यू 543 x 708 = 3,84,444 होगी। इसी तरह से  राज्यसभा के 233 सांसद में से चूकि  2 सांसद वोट नहीं दे पाएंगे। इसलिए 231 सांसद वोट देने के लिए अधीकृत हैं। यहां भी हर सांसद की वोट वैल्यू 708 है। इसलिए सभी सांसदों की कुल वोट वैल्यू 231 x 708= 1,63,548 होगी।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने के लिए सभी सांसदों और विधायकों की कुल वोट वैल्यू के 50 प्रतिशत से एक वोट ज्यादा मिलना चाहिए। इस तरह से पूरे देश के सांसद व विधायकों की कुल वैल्यू 10,91,210 होगी। अर्थात राष्ट्रपति बनने के लिए 5,45,606 वोट वैल्यू की जरूरत होगी।

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