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कानपुर काण्ड का मास्टरमाइंड विकास दुबे को उज्जैन के मंदिर से पुलिस ने नाटकीय ढंग से किया गिरफ्तार

क्राइम डेस्क
-मीडिया को देखकर बोला मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला…
-सरेंडर करने की सूचना मीडिया व पुलिस को फोन कर दी
-प्रश्न आखिर फरीदाबाद से उज्जैन केैसे पहुंचा विकास दूबे
-गिरफ्तारी को लेकर राजनीति शुरू

दिल्ली। आखिरकार 8 पुलिसवालों का हत्यारा कानपुर गोलीकांड का आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। उत्तरप्रदेश समेत तीन राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पिछले सात दिनों से उसके दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में छिपने की खबरें आ रही थीं। जहां एक गार्ड की नजर उस पर पडी और उसने उसे पकड कर पुलिस को खबर दी। जिससे उसे पकडा जा सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस विकास दुबे को अज्ञात स्थान पर ले गई जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
जबकि सूत्रों के अनुसार आज सुबह विकास दुबे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचा और सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर दर्शन करने के बाद वापस गार्ड के पास पहुंच कर कहा कि मेरा नाम विकास दुबे है वह कानपुर वाला है। उसे पकड लों। मंदिर के सामने अपना नाम चिल्लाया। मौके पर स्थानीय मीडिया को भी बुला लिया गया था। बताया ये भी जा रहा है कि उसने मंदिर के बाहर खड़े होकर अपना नाम चिल्लाया, फिर लोगों ने पुलिस को सूचित किया।
दूसरी ओर पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं मध्यप्रदेश सरकार भी अपनी पुलिस को बधाई देने में लगी है। उधर, मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘‘गैंगस्टर विकास दुबे मध्यप्रदेश पुलिस की कस्टडी में है। गिरफ्तारी कैसे हुई, इसके बारे कुछ भी कहना ठीक नहीं है। विकास के दो साथियों बिट्टू और सुरेश को भी गिरफ्तार किया गया है।’’ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि एमपी पुलिस जल्द ही विकास दुबे को उत्तर प्रदेश की पुलिस को सौंप देगी। शिवराज ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से बात भी की।
बताया जा रहा है कि वहां से पुलिस विकास दुबे को पकड़कर महाकाल थाने में ले गयी, रास्ते भर विकास दुबे लगातार मीडिया से बात कर रहा था। इसी दौरान वो चिल्लाया, …मैं विकास दुबे हूं…कानपुर वाला। इस दौरान साथ में पुलिसवालों ने उसे चुप कराया एक पुलिस वाले ने उसके सिर पर एक चपत भी लगाई और तुरंत गाड़ी में बैठा दिया।
मालूम हो कि विकास दुबे कानपुर की घटना के बाद भाग गया था, जिसके बाद हरियाणा के फरीदाबाद में उसकी झलक दिखी थी। फरीदाबाद के एक होटल के सीसीटीवी कैमरे में विकास दुबे को देखा गया था, लेकिन वो वहां से फरार हो गया। छापे में उसके कुछ गुर्गे गिरफ्तार कर लिए गए वहीं तीन को पुलिस ने मार गिराया। विकास दुबे लगातार छुपता हुआ भाग रहा था, पहले उसके नोएडा और फिर राजस्थान जाने की बात की जा रही थी। ऐसे में पुलिस ने लगातार छापेमारी की थी, लेकिन विकास दुबे वहां पर भी नहीं मिला।


सूत्रों की मानें तो फरीदाबाद से मध्य प्रदेश तक वो आसानी से एक गाड़ी में पहुंचा, जो पूरी तरह सेफ थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि इतनी बंदिशों के बाद भी विकास दुबे आखिर कैसे इतना लंबा सफर कर पाया। अब विकास दुबे को कोर्ट में पेश किया जाएगा, फिर उसकी ट्रांजिट की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
वैसे विकास दूबे को लेकर कई प्रश्न हवा में तैर रहे हैं। जैसे वीआईपी एंट्री की रसीद पर सही नाम लिखा विकास ने गुरुवार सुबह बाबा महाकाल के दर्शन के लिए वीआईपी एंट्री के लिए 250 रुपए की रसीद कटवाई। इस दौरान उसने अपना सही नाम विकास दुबे ही लिखवाया। इसके बाद वह महाकाल बाबा के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचा। दर्शन के बाद विकास वहां मौजूद जवानों के पास गया और बोला कि मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं, मुझे पकड़ लो। महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष ने बताया कि एनकाउंटर में मारे जाने के डर से विकास दुबे आत्मसमर्पण करना चाहता था। मंदिर परिसर में वो चिल्ला चिल्लाकर कहने लगा कि वह ही विकास दुबे है। उसने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों से कहा कि पुलिस को उसके बारे में सूचना दी जाए।शक होने पर पकड़ा विकास को पकड़वाने वाले सिक्योरिटी गार्ड गोपाल सिंह ने बताया, ‘‘मैंने शक होने पर उसे पूछताछ के लिए रोका तो वह आनाकानी करने लगा। मुझे और ज्यादा शक हुआ, तो मैंने पुलिस को बुलाया। इस पर उसने मेरे साथ झूमाझटकी की। थोड़ी देर में पुलिस आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’’


वहीं दूसरी ओर कानपुर शूटआउट में मारे गए दिवंगत डीएसपी देवेंद्र मिश्रा के परिजन ने बड़ा आरोप लगाया है। रिश्तेदार कमलकांत ने कहा कि विकास दुबे को बचाया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें बड़े स्तर पर मिलीभगत हुई है।
उत्तरप्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा, ‘‘बगैर किसी तथ्य को जाने अभी सरेंडर जैसी कोई बात नहीं की जानी चाहिए। हम सभी अलर्ट पर थे, विकास वहां (उज्जैन) कैसे पहुंचा, इसकी जांच होगी। उसके जितने भी साथी है, उनके खिलाफ सर्च अभियान जारी रहेगा।’’
वहीं विकास को लेकर राजनीति भी शुरू हो गयी है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है। मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की वजह से यह संभव हुआ है। जय महाकाल। अखिलेश यादव ने कहा- पुलिस बताए यह गिरफ्तारी है या सरेंडर ?

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