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कानपुर में हिस्ट्रीशीटर के यहां दबिश करने गयी पुलिस टीम पर फायरिंग, सीओ सहित 8 शहीद

लखनऊ ब्यूरों
-हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी पुलिस टीम
-2001 में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर की थी हत्या
-चौबेपुर थाना इलाके में स्थित बिकरू गांव का मामला

लखनऊ। कानपुर में एक हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गयी पुलिस पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरंिरंग की, जिससे सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। यूपी में पुलिस पर इस तरह का हमला संभवतः पहली बार हुआ जिसमें इतने पुलिस के जवान शहीद हुए। यह घटना जनपद के चौबेपुर थाना अन्र्तगत बिकरू गांव का है। घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से बात कर त्वरित कार्यवाही का आदेश दिया है। डीजीपी से लेकर आलाअधिकारी घटना स्थल पर जुटें हुए है। साथ ही फॉरेंसिक विभाग की टीम भी पहुंच गई है। इसके साथ ही एसटीएफ को भी मौके पर रवाना किया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूवार की रात को लगभग 1 बजे पुलिस अपने लावलश्कर के साथ कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव जा रही थी। अभी पुलिस टीम गांव में प्रवेश कर ही रही थी कि तभी छतों से उसके ऊपर बदमाशों ने अचानक फायरिेंग झोंक दी। अचानक हुई फायरिंग से सीओ सहित 8 पुलिस कर्मी शहीद हो गए। दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी थी जिसे उन्हें सभंलने का मौका भी नहीं मिला। रास्तें में जेसीबी लगा देने की वजह से फोर्स की गाड़ी गांव के अंदर नहीं जा सकी। जिससे रात व जीसीबी का फायदा उठा कर बदमाश भागने में सफल रहें। जिसके चलते हमारें 8 पुलिस कर्मी शहीद हो गए।
जहां तक विकास दूबे का अपराधिक पृष्टिभूमि का प्रश्न है तो उसने 2001 में जब राजनाथ सिंह सरकार थी तब उनके मंत्रीमंडल में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर उसने हत्या की थी। बताया जाता है उसके ऊपर लगभग 60 मुकदमें दर्ज हैं। जिसमें हत्या, रंगदारी, धमकी सहित अन्य मामलें हैं। एक दो बार जेल भी जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक उसकी राजनीति में भी अच्छी पकड़ थी।


डीजीपी एचसी अवस्थी ने बताया कि गाड़ी अंदर नहीं जाने के कारण पुलिसकर्मी गांव के बाहर ही उतरे। तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। बदमाश ऊंचाई पर थे। इस वजह से पुलिसकर्मियों को गोलियां लगी है। जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं।
शहीद होने वाले पुलिस टीम में बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर के एसओ महेश यादव, अनूप कुमार,चौकी इंचार्ज मंधना, नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर, सुल्तान सिंह, कांस्टेबल थाना चौबेपुर, राहुल, कांस्टेबल बिठूर, जितेंद्र, कांस्टेबल बिठूर व बबलू कांस्टेबल बिठूर सिपाही शहीद हो गए। इसके अलावा सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है।

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