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किताब-ड्रेस बेचना बंद करें स्कूल: सीबीएसई

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-कहा, पढ़ाई पर स्कूल दे जोर
-एनसीईआरटी के पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करने का दिया निर्देश
नई दिल्ली। स्कूल के हो रहे व्यवसायिकरण के विरूद्ध सीबीएसई ने अपने स्कूलों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि वे अपने परिसर में व्यावसायिक तरीके से पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक और पोशाकों की बिक्री को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया है, साथ ही एनसीईआरटी (सीबीएसई) की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करने का भी निर्देश दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की सामग्री को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों से सीबीएसई ने अपने परिपत्र में कहा है कि बोर्ड ने बार-बार संबद्ध स्कूलों से कहा है कि पोशाक, पाठ्य पुस्तकों, नोटबुक, स्टेशनरी सामग्रियों आदि की ब्रिकी व्यावसायिक तरीके से नहीं करें और इस बारे में बोर्ड की संबद्धता के नियमों एवं प्रावधानों का पालन करें। बोर्ड ने कहा है कि, वह ऐसे कार्यो को गंभीरता से लेता है और स्कूलों से ऐसे हानिकारक कार्यो से दूर रहने का निर्देश देता है.
बोर्ड के उप सचिव (संबद्धता) के श्रीनिवास की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि अभिभावकों एवं कई पक्षकारों की ओर से विभिन्न शिकायतों के माध्यम से बोर्ड के संग्यान में यह बात आई है कि स्कूल इसके बाद भी व्यावसायिक तरीके से पुस्तकों, पोशकों आदि की बिक्री कर रहे हैं। स्कूल या तो स्कूल परिसर में इनकी बिक्री कर रहे हैं या कुछ चुनिंदा दुकानदारों के माध्यम से इनकी ब्रिकी करा रहें हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा है कि बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों को 12 अप्रैल 2016 के उस परिपत्र का पालन करना चाहिए जिसमें एनसीईआरटी (सीबीएसई) पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करने को कहा गया है। सीबीएसई के परिपत्र में कहा गया है कि बोर्ड को अक्सर ऐसी रिपोर्ट या शिकायतें प्राप्त होती हैं कि स्कूल बच्चों और उनके अभिभावकों पर एनसीईआरटी (सीबीएसई) पुस्तकों की बजाए दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने का दबाव बनाते हैं। इसमें कहा गया है, बोर्ड ने ऐसे उल्लंघनों को गंभीरता से लिया है।

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