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कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए केंद्र की नई गाइडलाइंस जारी, 1 से 31 दिसम्बर तक रहेगी लागू

विजय श्रीवास्तव
-कंटेनमेंट जोन में सख्ती
-बच्चे-बुजुर्गो को घर में रहने की हिदायत

नई दिल्ली। कोरोना मरीजों की संख्या में फिर एक बार तेजी से इजाफा होते देख केन्द्र सरकार भी अब सर्तक हो गयी है। इधर बीच कोरोना वायरस का संक्रमण देश में लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिसकों देखते हुए गृह मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी है जो 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक लागू रहेगी।
गौरतलब है कि इधर बीच एक दो माह में त्योहारों के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़ ने कोरोना के संकट को और बढा दिया है। दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में कोरोना ने फिर अपना रंग देखाना शुरू कर दिया हेै। दिल्ली में तो इस समय पिछले समय जब कोरोना संकट चरम पर था उससे भी अधिक केस प्रतिदिन देखने को मिल रहे हैं। जिसकों देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने निगरानी, नियंत्रण और सावधानी के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो सरकार के दिशा-निर्देश 1 दिसंबर से प्रभावी होंगे और 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे।
गृह मंत्रालय ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कड़ाई से कोरोना वायरस के रोकथाम के उपाय, विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य उपाय करने का निर्देश देने के साथ ही नई गाइडलाइंस की है जो निम्नवत है:-
-कंटेनमेंट जोन में दिसंबर तक सख्ती जारी रहेगी।
-65 साल से ज्यादा आयु के व्यक्तियों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने की हिदायत दी गयी है।
-सिनेमा हॉल्स को लेकर पाबंदियां पूर्व की भाति जारी हैं। सिनेमा हॉल 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ चलेंगे।
-स्विमिंग पूल्स का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेनिंग के लिए हो सकेगा।
-धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते। अगर राज्य सरकारें चाहें तो इस संख्या को 100 या उससे भी कम पर सीमित कर सकते हैं।
-इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।
-स्थानीय जिला, पुलिस और नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि निर्धारित कंटेनमेंट उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए और राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश सरकार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।
-गृह मंत्रालय ने कहा कि कोरोना महामारी की स्थिति के अपने आकलन के आधार पर राज्य/ केंद्रशासित प्रदेश केवल निषिद्ध क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू जैसी स्थानीय पाबंदियां लगा सकते हैं।
-गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि वे शहर जहां पर साप्ताहिक केस के पॉजिटिव रेट 10 फीसदी से ज्यादा है, वहां के संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चरणबद्ध तरीके से दफ्तरों की टाइमिंग और अन्य उपाय लागू करने चाहिए, ताकि एक समय में ज्यादा कर्मचारी न आ पाए और सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित हो पाए।
-भीड़-भाड़ वाली जगहों, विशेषकर बाजारों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक परिवहन में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एक एसओपी जारी करेगा, जिसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा।
सरकार के दिशा-निर्देश के मुताबिक, सर्विलांस टीम घर-घर जाकर निगरानी करेगी और कोरोना मरीजों का उपचार सुविधाओं के साथ तत्काल आइसोलेशन सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।

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