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कोरोना संकट को देखते हुए वित्त मंत्री ने कई तरह के आर्थिक राहत की घोषणा की

विजय श्रीवास्तव

  • रिटर्न फाइल करने की मियाद बढ़ी
  • बैंक ग्राहकों को भी बड़ी राहत
  • तीन माह तक किसी भी बैंक के एटीएम से कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं
  • आधार-पैन लिंक करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून 2020
    नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते देश में लोंगो को आर्थिक संकट से भी जूझना पड रहा है। ऐसे में मोदी सरकार ने कई बड़े राहत की घोषणा की है। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की आम जनता के लिए कई बड़े राहत भरे ऐलान किये। जिससे आमजन को काफी राहत की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने टैक्स रिर्टन करने वालों को भारी रियायत की घोषणा करते हुए वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दिया है। इसके साथ ही एटीएम से कैश निकालना अगले 3 महीने के लिए फ्री कर दिया गया है।
    आज दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सयुंक्त आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कई भारी आर्थिक राहत की घोषणा की है।
    ः तीन महीने तक किसी भी बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगेगा।
    ः तीन महीने तक मिनिमम बैंक बैलेंस मेंटेन करने से मोहलत की घोषणा।
    ः आधार-पैन लिंक करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 तक कर दी है।
    ः वित्त वर्ष 2018-19 के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। नई डेडलाइन पर लेट पेमेंट्स के लिए ब्याज दर को 12 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी कर दिया गया है।
    ः मार्च, अप्रैल और मई के लिए जीएसटी रिटर्न भरने के लिए समय सीमा को भी बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है।
    ः टीडीएस के लिए ब्याज दर को घटाकर 9 फीसदी कर दिया गया है। बता दें कि वर्तमान में ये दर 18 फीसदी है।
    ः 5 करोड़ रुपये से कम सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए लेट जीएसटी रिटर्न भरने पर कोई ब्याज, लेट फीस व पेनल्टी नहीं लगेगी।
    ः 5 करोड़ के ज्यादा के टर्नओवर वाली कंपनियों पर पहले 15 दिन के लिए कोई लेट फीस और पेनल्टी नहीं लगेगी। 15 दिन के बाद उनके लिए ब्याज, पेनल्टी या लेट फीस 9 फीसदी की दर पर होगी।
    ः कंपोजीशन स्कीम का लाभ लेने के लिए भी डेडलाइन 30 जून 2020 कर दी गई है।
    ः विवाद से विश्वास स्कीम की समयसीमा को भी बढ़ाकर सरकार ने 30 जून, 2020 करने का फैसला किया है।
    ः ‘सबका विश्वास‘ स्कीम से जुड़े विवादों को निपटाने की समयसीमा बढ़ाकर 30 जून, 2020 किया गया। यह सीमा पहले 31 मार्च, 2020 तक थी।
    ः सरकार ने बोर्ड बैठक के लिए कंपनियों को 2 तिमाही तक 60 दिनों की रिलीफ देने का फैसला किया है।
    ः एक्सपोर्टर, इंपोर्टर को राहत देने के लिए 30 जून 2020 तक कस्टम क्लियरेंस 24 घंटे सातों दिन होगा।
    डिजिटल ट्रांजैक्शन चार्जेज में कमी की गई है।
    सरकार ने पांच करोड़ रुपये से कम के टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए मार्च, अप्रैल और मई का ळैज् रिटर्न और कंपोजिशन रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 30 अप्रैल, 2020 करने का फैसला किया है।
    सीमाशुल्क के मुद्दे पर भी सरकार ने कई तरह की राहत का ऐलान किया।
    ः कंपनियों के डायरेक्टर्स को भारत में प्रवास की समयसीमा में छूट देने का भी फैसला किया गया है।
    ः 30 अप्रैल को मेच्योर होने वाले डिबेंचर्स को 30 जून, 2020 तक को बढ़ाया गया।
    वित्त मंत्री ने कंपनियों के लिए डिपोजिट रिजर्व की शर्तों में छूट की घोषणा की।
    ः नई कंपनियों को बिजनेस शुरू करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय दिया गया।
    ः एक करोड़ रुपये के डिफॉल्ट की स्थिति में ही कंपनी को दिवाला प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मत्स्य क्षेत्र के लिए भी कई तरह के राहत का ऐलान किया।
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह ऐलान ऐसे समय में किया है जब देश की अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस की वजह से नए तरह के संकट में फंसती दिख रही है। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के मद्देनजर विभिन्न क्षेत्रों की मदद के लिये सरकार जल्द ही आर्थिक पैकेज की घोषणा करेगी।
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