Breaking News

कोरोना संकट: ’सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर हरसोस के युवाओं ने किया मिसाल कायम’

अमित पटेल
-ग्रुप बना कर एक दूसरे का कर रहे हैं सहयोग
-अभी तक 200 परिवारों को कर चुके राशन किट का वितरण

वाराणसी। हमारें देश की खुबसूरती यह रही है कि हम भले खुशी के मौके पर एक न हो लेकिन जबभी देश के सामने किसी भी तरह से संकट आता है तो पूरा देश एकजुट होकर खडा दिखता है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कारण देशभर में हुए लॉक डाउन की वजह से जहां एक तरफ तमाम सामाजिक और राजनीतिक संगठन असहाय और जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं तो वही ग्राम सभा हरसोस के युवाओं ने सहयोग की नयी परिभाषा लिख दी है। आपसे में ग्रुप बना कर अपने गांव व आस-पास के जरूरतमंद परिवारों की निरन्तर मदद कर एक नजीर पेश की है।


लॉक डाउन के चलते अन्य स्थानों की तरह राजातालाब हरसोस के सभी युवा घरों में रहने को बाध्य थे। इस दौरान हरसोस के कुछ युवाओं ने इन घरों में कैद युवाओं व गरीबों के लिए कुछ करने का निर्णय लिया और सोशल मीडिया पर ही एक ग्रुप बनाया, जिसका नाम उन्होंने ’आओ मिलकर सहयोग करें’ रखा । इन सभी युवाओं ने मेहनत मजदूरी करने वाले अपने गांव के लोगों की समस्याओं को देखते हुए उनकी मदद करने का निश्चय किया और कुछ युवाओं द्वारा पहल करके एक ग्रुप का निर्माण किया जिसमें ग्रुप के मेंबर अपने-अपने नजदीकी साथियों और गांव के बड़े बुजुर्गों से सहयोग राशि एकत्रित करके खाद्य सामग्री जैसे आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, मसाला, हरी सब्जी, साबुन इत्यादि खरीद कर जरूरतमंद परिवार को वितरित किया जाता है। शुरू में तो कुछ दिन निराशा हाथ लगी लेकिन कारॅवा चल पडा और लोग मदद के लिए हाथ बढाते रहे और जिसके माध्यम से सभी के सहयोग द्वारा जरूरतमंद परिवारों की मदद की जा रही है।


इस ग्रुप के संचालन कर्ता की टीम जितेंद्र पटेल, कमलेश पटेल, अमित पटेल, अजीत वर्मा, नागेन्द्र पटेल, रामविलास पटेल, प्रदीप पटेल, विजय पटेल, सत्य प्रकाश कनौजिया, विकास पटेल, आकाश पटेल, विजय बहादुर पटेल, दीपेश पटेल, अमर विश्वकर्मा, कृष्णकांत पटेल, विनय मौर्या आदि ने ने बिना किसी लाज-सकोंच के पैकेट तैयार करके हर दो-तीन दिन के अंतर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने गांव और आस-पास के गांव में अब तक कुल ’200 परिवार’ को राशन सामग्री का वितरण कर चुके हैं।
ग्रुप के ही मेम्बर कमलेश पटेल ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि कोई भी परिवार चाहे वह अपने गांव का हो या पास पड़ोस के गांव का जानकारी मिलते ही हम लोग उसकी सहायता कर रहे हैं और आगे भी यह प्रयास रहेगा कि कोई भी परिवार हम लोगों की जानकारी में भूखा ना रहे और यह भी बताया कि इस कार्य में जिस भी साथी का सहयोग राशि प्राप्त होता है, उसका विवरण पूरी तरह सार्वजनिक किया जाता है और कहा कि ग्रुप के इस मुहिम में जिन-जिन साथियों का सहयोग है उन्हें पूरे ग्रुप की ओर से कोटि-कोटि धन्यवाद ।


साथ ही साथ गांव के पूर्व की ओर रिंग रोड और पश्चिम की ओर पंचक्रोशी मार्ग पर जाने वाले सभी प्रवासी साथियों को जरूरत के मुताबिक खाना या नाश्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है । इसके साथ इस समय सरकार की पहल से जो भी साथी दूसरे राज्यो से अपने गांव में आ रहे है उन्हें ग्राम प्रधान जी के सहयोग से प्राथमिक विद्यालय में कोरेंटाईन कर रहे हैं । जहां पूरी तरह साफ सफाई और सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है।

Share

Related posts

Share