क्या आप संतान न होने से परेशान है ? तो अपनी समस्या लिख कर वाट्सएप पर भेजें

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(विजय श्रीवास्तव)
-अब वाराणसी में अत्याधुनिक उन्नत आइवीएफ की सुविधा उपलब्ध
-मेरीडियन अस्पताल ने लेढ़ुपुर, वाराणसी में शुरू किया आइवीएफ सुविधा
-अत्याधुनिक प्रयोगशाला व विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में इलाज
वाराणसी। क्या आपके शादी हुए दो-तीन वर्ष हो गये और बिना कोई रोकथाम के आपको अभी तक संतान सुख की प्राप्ति नहीं हुई ? साथ ही संकोच में किसी से अपनी समस्या को आप शेयर भी नहीं कर पा रहे हैं ? तो परेशान मत होइए। झट अपने मोबाइल उठाइये और अपनी समस्या  के समाधान के लिए मेरीडियन अस्तपताल की महिला काउन्सलर से 09628467777 बात करें या अपनी समस्या लिख कर 7860663466 पर वाट्सएप कर दें। आपको पूर्णतया निःशुल्क सलाह मिल जायेगी। महिला कांउसलर तत्काल आपसे बात कर आपकी समस्या का निदान निकालेंगी। हाॅ एक बार और आपकी पहचान व जानकारी भी पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। इसके लिए भी आपको         कहीं बाहर दूसरे जिलों में नहीं वरन् अपने वाराणसी जनपद में ही इस तरह की सुविधा उपलब्ध है।

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गौरतलब है कि आज देश में 20 से 25 प्रतिशत दम्पत्ति किसी न कारण से संतान सुख से वचिंत  हैं। कई बार जहां इसकी सजा महिलाओं को दी जाती हैं वहीं कई बार तो संतान न होने से महिलाएं अवसाद में चली जाती है और अन्तः आत्महत्या तक कर बैठती हैं। आज के समय में जिस तरह से चिकित्सीय विज्ञान ने प्रगति की है उसमें अब बंध्यता या संतान न होने का पूरी तरह से कारगर इलाज का इजाफा हो चुका है। पहले इस तरह के इलाज के लिए लोंगो को दिल्ली व महानगरों के चक्कर काटने पड़ते थे लेकिन अब इसकी बेहतर व शर्तिया इलाज की सुविधा वाराणसी में संभव है। वाराणसी में विगत 15 वर्षो से चिकित्सा क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका मेरीडियन अस्पताल ने इस क्षेत्र में पहल की है।

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मेरिडयन अस्पताल की बाॅंझपन रोग विशेषज्ञ डाॅ ललित यादव ने बताया कि अधिकतर महिलाएं संकोच के चलते अपनी समस्या को डाक्टर से या अपने परिजनों से नहीं बता पाती हैं। जिससे यह समस्या बढ़ती जाती है और जिसके चलते महिलाएं कई बार इसके चलते डिप्रेशन में भी चली जाती हैं और कई बार देखा जाता हैं कि महिलाएं आत्महत्या तक कर बेैठती हैं। अधिकतर ऐसे केस में महिलाओं को ही दोषी माना जाता हैं जब कि इसके कई कारण होते हैं। जिनका इलाज संभव हैं। कई बार तो परामंर्श व जीवन शैली में बदलाव से ही समस्या दूर हो जाती है। अगर अन्य कारणों से संतान नहीं हो रहे हैं तो ऐसे दम्पत्ति को आईवीएफ पद्यति से उनके आगन में किलकारी की गूंज     संभव हैं। इसके तहत एक तकनीक के जरिए स्त्री का अंडा और पुरूष के शुक्राणु को लेके प्रयोगशाला में निषेचित किया जाता है और फलस्वरूप जो  भूण  विकसित होता हैं उसे माॅ की बच्चेदानी में आरोपित कर दिया जाता हैं। जहाॅ वो सामान्य शिशुओं की तरह से  नौ महिनें पलता हेै और फिर माॅ स्वस्थ्य बच्चें को जन्म देती हैं। यह सारी सुविधा अब आपके शहर में मेरीडियन अस्पताल, लेढ़ुपुर, आशापुर वाराणसी ने शुरू किया है। जहां एडवांस आईवीएफ एंड इक्सी सेन्टर की सुविधा मेरीडियन अस्पताल में उपलब्ध है।
डाॅ ललित यादव ने बताया कि आइवीएफ तकनीक का पूरा इलाज उनकी देखरेख और सतत निगरानी में, अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त प्रयोगशाला में होता है। जो मरीज व्यक्गित रूप से उनसे मिलना चाहते हैं वो प्रातः 9 से 1 तक मेरीडियन हाॅस्पिटल, लेढ़ुपुर वाराणसी अथवा वहीं अपराहन् 2 बजे से सांय 6 बजे तक मरीडियन मैटेरनिटी एंड लैप्रोस्कोपिक सेंटर , गिलट बाजार, वाराणसी पे आकर परामर्श ले सकती हैं।

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