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ग्रामीण भारत में जाॅन फूकनें की तैयारी, पीएम शनिवार को लॉन्च करेंगे गरीब कल्याण रोजगार अभियान

फाइल फोटो
विजय श्रीवास्तव
-बिहार के खगड़िया जिले से वर्चुअल
कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी लॉचिंग
-6 राज्यों के 116 जिलों में चलेगा 125 दिनों का अभियान
-कॉमन सर्विस सेंटर और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हो सकते हैं शामिल

नई दिल्ली। कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने व ग्रामीण भारत की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए एक बार फिर मोदी सरकार ने कमर कस ली हैं। इसी क्रम में शनिवार 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रामीण भारत में आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान‘ लॉन्च करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार के खगड़िया जिले के ब्लॉक बेलदौर के ग्राम तेलिहार से किया जाएगा। जिसमें पांच अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ केंद्रीय मंत्री भी वर्चुअल लॉन्च में भाग लेंगे। कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान को शुरू किया जाएगा।


प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 6 राज्यों में 116 जिलों में 125 दिनों का ये अभियान प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में काम करने के लिए है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में वापस लौटे 25,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों के साथ कुल 116 जिलों को अभियान के लिए चुना गया है। इसमें 27 आकांक्षी जिले शामिल हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि इन जिलों के ऐसे करीब दो तिहाई प्रवासी मजदूरों को शामिल करने का अनुमान है। छह राज्यों के 116 जिलों के गांव कॉमन सर्विस सेंटर और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो कोरोना के कारण लागू शारीरिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखेंगे।


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह अभियान 120 दिन का होगा। इसमें 25 तरह के कामों की लिस्ट बनाई गई है, जिसके तहत लॉकडाउन में घर वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। इस योजना पर पचास हजार करोड़ खर्च किये जाएंगे। गौरतलब है कि सरकार ने 5 मई को एक बयान में कहा था कि प्रधान मंत्री गरीब कल्याण पैकेज (च्डळज्ञच्) के तहत लॉकडाउन के बीच लगभग 39 करोड़ लोगों ने 34,800 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की है।


जानकारी के मुताबिक इस योजना का समन्वय 12 विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन और राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़कें, दूरसंचार और कृषि शामिल होंगे। यह योजना निश्चय ही कोरोना महामारी के समय ग्रामीण भारत की दशा व दिशा सुधारने में कारगर होगी बशर्ते इसकी सही मानटिंग व ईमानदारी से प्रयास किए जाए।

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