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चौबेपुर में पत्रकार व बेटे को पड़ोसी ने मारी गयी गोली, हालत गंभीर

विजय श्रीवास्तव
-बेटा खेत में था जब हमलावर ने किया हमला
-पत्रकार दरवाजे पर बैठकर मोबाइल में सुन रहे थे भजन
-10 दिन पहले पत्रकार बेटे से हुई थी तू-तू मैं-मैं
-प्रादेशिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने की घटना की निन्दा

वाराणसी। योगी सरकार के लाख कोशिश के बाद भी दंबगों के हौसले बुलन्द हैं। हत्या, लूट व बलात्कार की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के पूरनपटटी गांव में आज सुबह पडोसी ने पत्रकार व उसके बेटे पर ताबडतोड फायरिंग कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सुबह-सुबह गांव में हुई फायरिंग से पूरा गांव सहम गया। प्राइवेट नलकूप के पास रास्ते में पडे पुआल को लेकर हुए विवाद में पड़ोस के रहने वाले दीपक मिश्रा ने आज सुबह सुरेन्द्र पाण्डेय उम्र 65 वर्ष व बेटे पवन पाण्डेय उम्र 26 वर्ष को गोली मार दी । आननफान में पहुंची चैबेपुर पुलिस नजदीकी अस्पताल में ले गयी जहां हालत गंभीर होने के कारण ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया। जहंा बाप-बेटे का इलाज चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही हैं। पुलिस हमलावर पडोसी की तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि सुरेंद्र पांडे हिंदुस्तान दैनिक समाचार पत्र के चौबेपुर संवाददाता के साथ पूर्व में प्रधान भी रह चुके हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार की सुबह साढे 6 बजे पवन पाण्डेय जब अपने गाय को चारा-पानी डालने के बाद उन्हें बांध कर बगल में खेत में खडा था तभी आरोपी दीपक मिश्रा ने पंहुच कर पीछे से गोली मार दी। जिसपर पवन चिल्लाता हुआ अपने घर की ओर भागा जिसपर पिता सुरेन्द्र पाण्डेय भी अपने बच्चें को बचाने के लिए भागें जिसपर दीपक मिश्रा ने उनके बेटे पर फिर फायरिंग करते हुए उनपर भी फायरिंग कर कर असलहा लहराते हुए मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुचंी पुलिस ने दोनों घायलों को स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर में प्राथमिक उपचार कराने के बाद घायलों को ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया है। बकौल पत्रकार सुरेंद्र पांडे ने बताया कि मैं अपने दरवाजे पर बैठकर मोबाइल में भजन सुन रहा था इसी दौरान इनका पड़ोसी असलहा लेकर ताबड़तोड़ इनके पुत्र के ऊपर फायर करना शुरू कर दिया। पुत्र को कमर के नीचे छह गोली लगी है और जब यह दौड़े बचाव करने के लिए तो बदमाश ने इनके ऊपर भी गोली चला दी जो इनके जांघ पर गोली लगी है। गोली से एक गाय भी घायल हुई है।’ लोंगो ने बताया कि पडोसी युवक उसी रास्ते से कार लेकर आता-जाता था रास्ते में पुआल रखा होने के कारण 10 दिन पहले भी पत्रकार बेटे पवन पाण्डेय से कहासुनी हुई थी। आरोपी युवक ने उस समय भी गोली मारने की धमकी दी थी जिसे पत्रकार उनके परिवार ने गंभीरता से नहीं लिया। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार की रात दीपक अपने घर आया और दहशत और धमकाने की नियत से घर के बाहर ही दो-तीन रांउड फायरिंग किया था तब भी गांववासियों सहित पत्रकार ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पुलिस का कहना है कि पत्रकार सुरेन्द्र पाण्डेय को जांघ में एक गोली लगी है जबकि पवन पाण्डेय को एक पेट और पैर में गोली लगी है। इसके साथ ही पास खडी गाय के पैर में भी गोली लगी है। पुलिस ने घटना स्थल से .32 बोर पिस्टल का एक खोखा बरामद किया है। मौके पर पहुंचे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह और सीओ पिण्डरा अभिषेक कुमार पाण्डेय ने हमलावर को पकडने के लिए दो टीमें गठित की है।
उक्त घटना से पत्रकारों में जबरदस्त रोष व्याप्त है। इस सन्दर्भ में प्रादेशिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विजय श्रीवास्तव ने घटना की जोरदार निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने तत्काल सुरक्षा की मांग करते हुए पत्रकारों का उत्पीड़न और शोषण पर रोकथाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार से मांग की है। साथ ही तत्काल हमलावर को गिरफ्तार करने की मांग के साथ ही परिजनों की सुरक्षा के साथ उचित चिकित्सा जिला प्रशासन के साथ प्रदेश सरकार से मांग की है। एसोएिशन के संगठन मंत्री बृजेश गुप्ता ने भी पत्रकार पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में पत्रकारों पर हमले की घटना में लगातार वृद्धि हो रही है। जिसे सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर पत्रकारों का उत्पीड़न और शोषण के साथ उनपर हमला के घटनाओं पर रोकथाम सरकार नहीं लगाती है तो पत्रकार आन्दोलन के बाध्य होंगे।

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