जब वाराणसी के डीएम अपने घर टैम्पों से पहुंचे

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  • घायल दम्पत्ति  को अपने गाड़ी से भेजवाया अस्पताल
  • मानवता की मिसाल की पेश
  • सुबह शहर के कानून-व्यवस्था का जायजा लेने निकले थे डीएम

-विजय श्रीवास्तव

वाराणसी। आज कल अधिकतर सड़क दुघर्टना के दौरान लोंगो को समय पर इलाज न मिलने पर उनकी मौत तक हो जाती है। इस दौरान कई बार राहगीर तमाशबीन बने खड़े रहते है लेकिन कोई सहयोग करने के लिए आगे नहीं आता है। कुछ इसी तरह का वाकया आज वाराणसी में देखने को मिला, लेकिन इसके प्रत्यक्ष गवाह बने वाराणसी के जिलाधिकारी। उन्होंने तत्काल अपनी गाड़ी रोकी और सड़क पर घायल पड़े दम्पत्ति को अपने ही गाड़ी से तत्काल अस्पताल भिजवाया और स्वंय अपने टैम्पों पकड़ कर अपने आवास पहंचे। इतना ही नहीं उन्होंने बकायदा फोन कर सीएमओ को बेहतर व निःशुल्क इलाज की हिदायत भी दी।

गौरतलब है कि जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा आज सुबह 4.30 बजे बिना लाव लश्कर के ही अपने शहर की कानून-व्यवस्था एवं पिकेट पर तैनात पुलिस कर्मियों के मौजूदगी का जायजा लेने निकल पड़े। अपने आवास से निकल कर वे अन्धरापुल होते हुए सिगरा, रथया़त्रा, लक्सा, गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध घाट  से लौटते हुए उनकी नजर रथयात्रा चैराहा के समीप कुबेर काम्पलेक्स के सामने सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिरे बेसुध चन्दुआ, छित्तूपुर निवासी घनश्याम केशरी 58 वर्षीय व उनकी पत्नी तिलोतमा केशरी 55 वर्ष घायल हालत पड़े दम्पत्ति पर पडी। इस दौरान आसपास लोग कुछ लोग खड़े भी थे लेकिन सहायता की याचना कर रहे दम्पत्ति को कोई सहायता करने वाला नहीं था। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और घायल पड़े तिलोतमा से जानकारी लेकर उन्होंने अपने गनर, हमराही एंव चालक के साथ लक्सा स्थित श्री रामकृृष्ण मिशन अस्पताल भिजवाया और निःशुल्क चिकित्सा करने का वहां के डाक्टरों को फोन पर निर्देश दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दम्पत्ति के इलाज में कोई कोताही न बरतने की हिदायत दी। घायल दम्पति को अस्पताल भिजवाने के बाद जिलाधिकारी श्री मिश्रा ने जा रहे एक आटो रिक्शा वाले को रोका और उसी से अपने घर की तरफ चल पड़े। मौके पर मौजूद लोंगो को जब यह पता चला वह वाराणसी के जिलाधिकारी थे तो लोग उनकी सहृदयता को देखते रह गये। नगर में डीएम के इस कार्य की चर्चा आज दिन भर लोग  करते नजर आये।

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