Breaking News

जीआई प्रमोशन एवं ट्रेड मार्क के लिए यूरोपीय यूनियन ने बढ़ाया हाथ

R1
विजय श्रीवास्तव
-वाराणसी सहित पूर्वांचल के कारोबार को मिलेगा लाभ
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी मंे आज पहली बार यूरोपियन यूनियन, वाणिज्य मंत्रालय एवं बौद्धिक सम्पदा-भारत सरकार के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान व्यापक प्रचार-प्रसार, जानकारी, प्रशिक्षण, उत्पादनकर्ता को गुणवत्ता के साथ-साथ उनकी जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन आए, इसपर विस्तार से चर्चा हुई।
गौरतलब है कि वाराणसी सर्वाधिक जीआई पंजीकरण वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है और पूर्वी उ0प्र0 में विविधिता के साथ विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों के साथ-साथ कृषि एवं अन्य उत्पादांे के जीआई पंजीकरण की अपार सम्भावनाएं हैं जिससे आने वाले समय में दुनिया के बाजार में गुणवत्ता के साथ-साथ इस परिक्षेत्र के जीआई उत्पाद अपनी धूम मचा सके, उपभोक्ताओं को असली उत्पाद प्राप्त होंगे और सत्त रोजगार की सम्भावनाएं और भी विकसित होंगी। इसी क्रम में आज पहली बार यूरोपियन यूनियन, वाणिज्य मंत्रालय, एवं बौद्धिक सम्पदा-भारत सरकार के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री रामअवतार तिवारी-डिप्टी रजिस्ट्रार आफ टेªडमार्क, जीआई, मुम्बई ने कहा कि सरकार के द्वारा टेªडमार्क की प्रक्रिया को सूचना प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ दिया गया है और आनलाईन के माध्यम से काफी तेजी हो रही है, जिससे अब सभी तरह के निस्तारण आनलाईन समयबद्ध तरीके से पूरी पारदर्शिता के साथ किए जा सकेंगे, इससे व्यापार के क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी और काम आसान हो जाएगा।

R2
जीआई के प्रमोशन, एवं टेªडमार्क के डिजिटाईजेशन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने हेतु आयी यूरोपियन यूनियन की एक्सपर्ट मिस नातालिया पेसिनाटो ने कहा कि आने वाले समय में जीआई को एक बड़े सम्भवना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें परम्परागत हस्तकलाओं एवं उत्पादों के संरक्षण के साथ-साथ विश्वबाजार में गुणवत्ता और ब्राण्डिंग के साथ पहुॅचने का अवसर तो प्राप्त होगी ही, इसके अलावा स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ता को असली उत्पाद प्राप्त होगा। यूरोपियन बाजारों में जीआई पंजीकृत उत्पादों को एक बड़ा अवसर प्राप्त होने की सम्भावना है। उन्होंने यूरोपियन यूनियन के जीआई सिस्टम, उसके प्रकार और क्वालिटी स्टैण्डर्ड पर विस्तार से चर्चा किया और कहा कि भारतीय जीआई उत्पाद उसी गुणवत्ता के आधार पर यूरोप सहित दुनिया के बाजारों में अपनी पैठ बना सकते हैं।
उक्त अवसर पर चिन्नराजा जी नायडू, सहायक रजिस्ट्रार, जीआई रजिस्ट्री,चेन्नई ने कहा कि जीआई के अथोराइज्ड यूजर की प्रक्रिया के सरलीकरण के साथ-साथ जी.आई. उत्पादोें को मेक इन इण्डिया, से जोड़ दिया गया है और आने वाले समय में जीआई पंजीकरण में काफी तेजी आएगी।
कार्यक्रम में यूरोपियन यूनियन के प्रोजेक्ट विशेषज्ञ श्री सचिन अरोड़ा, टेक्सास वूमेन स्टडी सेण्टर की चेयरपर्सन सुश्री जेनिफर क्लार्क, डीडीएम-नाबार्ड श्री सुशील तिवारी, मुकुन्द अग्रवाल, बृजेश शुक्ला,   ए.के.वर्मा, प्रो0 चतुर्भुज तिवारी, बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अनिल पाण्डेय, महामंत्री   आनन्द मिश्रा, शशांक शेखर त्रिपाठी, राजेश मिश्रा, डाॅ0 सुषमा श्रीवास्तव, सुनील, रमजानअली, गोदावरी सिंह, बच्चेलाल मौर्या, कुन्जबिहारी, सोहित प्रजापति, रामजतन प्रजापति सहित जीआई के सभी रजिस्टर्ड प्रोपराईटर, निर्यातक, राष्ट्रीय एवं राज्यपुरस्कार प्राप्त शिल्पियों ने भागीदारी किया।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 रजनीकान्त ने किया।

Share

Related posts

Share