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डिवाइस रोकेगा नो एंट्री जोन में वाहनों का प्रवेश, हो जाएगा ऑटोमैटिक इंजन बंद

विजय श्रीवास्तव
-अशोका इंस्टिट्यूट के इंजीनियरिंग इलेक्टॉनिक के छात्र शुभम व प्रतीक ने की खोज
-स्मार्ट नो एंट्री वीइकल डिवाइस के माध्यम से वाहनों के इंजन हो जाएगें बंद
-नो एंट्री टाइम होने के बाद गाड़ी ऑटोमैटिक हो जाएगी ऑन

वाराणसी। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो इंजिनियरिंग छात्रों ने एक ऐसा आधुनिक डिवाइस तैयार किया है जिससे आए दिन हो रहे बडे वाहनों के चलते सडक दुर्घटना को रोका जा सकता है। कई बार नो एंट्री टाइम होने के बावजूद बडे वाहन पुलिस के चलते शहरों में प्रवेश कर जाते हैं, जो कि दुर्घटना का कारण बनते हैं। अब इन वाहनों को एक डिवाइस के माध्यम से रोका जा सकता है। साथ ही जहां समय खत्म होगा वह शहरों में प्रवेश कर सकेंगे।


गौरतलब है कि अशोका इंस्टिट्यूट के इंजीनियरिंग इलेक्टॉनिक के छात्र शुभम श्रीवास्तव और प्रतीक आनंद ने एक महीने में अथक प्रयास से इस डिवाइस को तैयार किया है। दानों छात्रों ने एक ‘स्मार्ट नो एंट्री वीइकल डिवाइस‘ तैयार किया है। इस डिवाइस के इस्तेमाल से नो एंट्री में एंट्री करने वाले बड़े वाहनों की एंट्री बंद हो जाएगी। छात्र शुभम श्रीवास्तव मीडिया से बातचीत में बताया कि यह डिवाइस रेडियो फ्रीक्वेंसी टेक्नॉलजी पर काम करता है जिसकी रेंज अभी 200 मीटर है। इस डिवाइस के इस्तेमाल से ऑटोमैटिकली भारी वाहनों को नो एंट्री जोन में प्रवेश से रोका जा सकता है। इस डिवाइज के जरिये नो एंट्री जोन में बड़ी गाड़ियों को बिना किसी मैन पावर के इस्तेमाल किए रोका जा सकता है।


छात्र प्रतीक आनंद ने बताया कि इस डिवाइस के इस्तेमाल के लिए जिस बॉर्डर से गाड़ियों का प्रवेश रोकना है वहां ये स्मार्ट नो एंट्री वीइकल डिवाइस लगानी पड़ेगी। इसके आलावा एक रिले रिसिवर चिप को उस गाड़ी में लगाना होगा जिसे नो एंट्री में प्रवेश से रोकना है। उसके बाद जब भी गाड़ी नो एंट्री जोन में बिना परमिशन या निर्धारित नो एंट्री टाइम से पहले प्रवेश करने की कोशिश करेगा तो प्रवेश करने वाले बॉर्डर पर लगे ट्रांसमीटर के रेंज में आते ही गाड़ियों का इंजन ऑटोमैटिक बंद हो जाएगा और नो एंट्री टाइम होने के बाद गाड़ी ऑटोमैटिक ऑन हो जाएगी। छात्रों के इस डिवाइस की खोज में अशोका इंस्टिट्यूट के रिसर्च विभाग के श्याम चैरसिया ने भी मदद की है।

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