तिब्बत आजादी की मांग को लेकर तिब्बती छात्र ने किया सारनाथ में आत्मदाह का प्रयास

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विजय श्रीवास्तव
-केन्द्रीय तिब्बती विश्वविद्यालय परिसर में हुआ हादसा
-घटना के वक्त परिसर में  ही तिब्बती निर्वासित पीएम दे रहे थे स्पीच
-चीन के उत्पीड़न से था क्षुब्ध
-प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है इलाज
वाराणसी। तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर शुक्रवार को केन्द्रीय तिब्बती विश्वविद्यालय के एक तिब्बती छात्र आत्मदाह की कोशिश की । यह वाकया उस समय हुआ जब तिब्बती  विश्वविद्यालय के आतिशा हॉल में तिब्बत की  निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसांग सांगेय चीन पर भाषण दे रहे थे। तभी सभा स्थल से थोड़ी दूर पर ही तिब्बत की आजादी के नारे लगाते हुए छात्र ने अपने उपर केरोसीन डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से जलने के कारण  वह वहीं गिर पड़ा जिसपर उसके मित्र तथा कर्मचारियों ने उसे तत्काल प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डाक्टरों के मुताबिक वह 60 फीसदी जल गया है।
गौरतलब है कि तिब्बत की  निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसांग सांगेय दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आये हुए है। अपने प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह डा. सांगेय केंद्रीय तिब्बती विश्वविद्यालय के आतिशा हॉल में विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों को सम्बोधित कर रहे थे तभी इस दौरान आतिशा हॉल से करीब 30 मीटर की दूरी पर स्थित विश्वविद्यालय के ब्वॉयज हॉस्टल पद्मसंभव में रहने वाला संस्कृत के तृतीय वर्ष का छात्र तेन जिंग च्यूंग (19) आग की लपटों में घिरा तेजी से हॉल की तरफ भागने लगा। यह देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। छात्रों ने कम्बल डालकर आग बुझाई और उसे हॉस्पिटल पहुंचाया। जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच जांच पड़ताल में जुट गयी।
इस सन्दर्भ में सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि उसके दोस्तों से बातचीत कर यह जानकारी मिली कि तेन जिंग, चीन के रवैये से परेशान था। उसका कहना था, हमारे परिवार के लोग अत्याचार झेल रहे हैं। चीन, तिब्बत सरकार के पीएम डा. लोबसांग सांगेय को नहीं मानता। इसलिए आत्मदाह ही एक रास्ता है। चीन को पूरा विश्व मिलकर सबक सिखाए और तिब्बत को आजाद करे।

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