दर्द से बेहाल महिला के आपरेशन में निकला तौलिया

ssssssssssssssssssss
-12 दिन पहले आपरेशन से हुआ था बच्चा
-आपरेशन के दौरान डाक्टरों ने पेट में ही छोड़ दिया था तौलिया
वाराणसी। लोग डाक्टर को भगवान के रूप में मानते हैं लेकिन कभी-कभी डाक्टरों की लापरवाही मरीजों के जान पर बन आती है। कुछ ऐसा ही वाकया चैबेपुर  क्षेत्र के बीकापुर गांव में एक महिला के साथ हुआ। डाक्टरों ने आपरेशन कर बच्चा तो निकाल दिया लेकिन लापरवाही में पेट में एक तौलिया छोड़ दिया। जिसके चलते महिला को 12 दिन असहनीय पीड़ा से गुजरना पड़ा। जब आज पहाड़िया स्थित एक अस्पताल में उसका आपरेशन किया गया तो उसमें से वह तौलिया निकला।
बताया जाता है कि चैबेपुर थाना क्षेत्र के बीकापुर निवासी रमेश कुमार की पत्नी चन्द्रकला देवी (25 वर्ष) गर्भवती थी। 12 दिन पहले दर्द उठा जिसपर रमेश  ने गांव में स्थिति एक प्राइवेट नर्सिग होम में भर्ती करा दिया। जहां डाक्टरों ने आपरेशन कर एक लड़की को जन्म दिया। एक हफ्ते तक अस्पताल में रहकर वह घर चली गयी लेकिन उसके पेट में दर्द बराबर बना रहा। डाक्टर दर्द की दवा देते रहे लेकिन कोई आराम न होने पर रमेश कुमार ने अन्य कई डाक्टरों को दिखाया लेकिन दर्द बढ़ता रहा, साथ ही भूख आदि न लगने से कमजोरी बढ़ती रही। इस बीच वे पहाड़िया स्थित सार्थक सर्जिकल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के निदेशक डाॅ विनोद कुमार ने चन्द्रकला देवी का अल्ट्रासांउड, एक्सरे के साथ अन्य कई टेस्ट किये लेकिन सब नार्मल दिखा। अन्ततः डाॅ. विनोद कुमार ने अपने स्तर पर चेक आदि कर पुनः पेट का आपरेशन करने का निश्चय किया। आपरेशन के दौरान जब पेट के अन्दर कुछ कपड़ा उन्हें दिखा तो वे चोैंक गये। आंत सहित अन्य स्थानों को ढ़के एक कपड़ा को उन्होंने  देखा। उस कपड़े को किसी तरह से बाहर निकाला। कई दिन तक अन्दर रहने के कारण आंते चपक गयी थी। लगभग ढाई घंटे तक आपरेशन चला।
अस्पताल में निदेशक डाॅ. विनोद कुमार ने बताया कि हर तरह का टेस्ट के बाद सब कुछ नार्मल होने  बाद जब मैनें पेट को चेक किया तो मुझे कुछ दिक्कते नजर आयी। जिसपर मैनें आपरेशन करने का निर्णय लिया। आपरेशन के दौरान एक तौलिया(स्पंज) जिसकी  लम्बाई 1.5 फीट व चैड़ाई 1 फीट थी। जो पूरी तरह से चिपकी हुई थी। अब महिला को राहत है। अभी उसे गहन चिकित्सा में रखा गया है।

Share

Leave a Reply

Share