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दिल्ली में अब न्यूनतम वेतन तय, कम देने पर होगी तीन साल की कैद, लागू किया दिल्ली सरकार ने कानून

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विजय श्रीवास्तव
-अरविन्द केजरीवाल सरकार ने पिछले वर्ष विधानसभा मंे पारित किया था यह बिल
-एलजी व राष्ट्रपति ने दी अब स्वीकृति, अब बना कानून
-नए कानून के लागू होने के साथ ही दिल्ली में न्यूनतम वेतन 13,896 रुपये होगी
नई दिल्ली। दिल्ली में अरविन्द सरकार ने देश में एक नयी पहल करते हुए दिल्ली मंे प्राइवेट सेक्टर में भी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतनमान तय करने का कानून ला दिया है। अब दिल्ली में उन कारोबारियों की खैर नहीं जो सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतनमान अपने कर्मचारियों को नहीं देते हैं। राष्ट्रपति ने दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित न्यूनतम वेतन में संशोधन कानून को मंजूरी दे दी है। विधानसभा से पारित न्यूनतम वेतन (दिल्ली) संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब दिल्ली में तय न्यूनतम मजदूरी नहीं देने वालों बिजनेसमैन पर कानून कार्रवाई करेगा. इस कानून के आधार पर तय न्यूनतम वेतनमान से कम पर नौकरी पर पर रखने वालों पर 20 हजार रुपये जुर्माने के साथ तीन साल तक की सजा का प्रावधान इस कानून में किया गया है।
गौरतलब है कि अरविन्द सरकार ने पिछले वर्ष ही इस आशय का विधेयक सदन में लाया था लेकिन वह राज्यपाल व राष्ट्रपति के मुहर न लगने के चलते कानूनी जामा नहीं अख्तियार कर सका था। अब जब न्यूनतम वेतन मान एक कानून का रूप ले चुका है। तो अब सरकार सख्ती से इस पर कार्रवाई कर सकती है। वैसे पहले भी न्यूनतम वेतनमान कानून था लेकिन विशेष सजा का प्रावधान न रहने के कारण कोई कार्रवाई न होने के चलते बिजनेश मेैन अपना मनमाना करते थें। आम आदमी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडर से इस आशय की जानकारी लोगों को दी है। इसी के साथ पार्टी ने गजेट का पेपर भी जारी किया है।
अब अरविन्द सरकार के इस नए कानून के लागू होने के साथ ही दिल्ली में न्यूनतम वेतन 13,896 रुपये है। राजधानी में अकुशल मजदूरों के लिए 13,896, अर्ध कुशल के लिए 15,296, कुशल के लिए 16,858 रुपये मासिक वेतन निर्धारित किया गया है। इसके अलावा दसवीं फेल के लिए 15,296, दसवीं पास के लिए 16,858 और ग्रेजुएट एवं ज्यादा शिक्षित के लिए 18,332 रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन है. दिल्ली कैबिनेट ने 25 फरवरी 2017 को यह दरें लागू की थीं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई महीनों बाद विधेयक को मंजूरी मिली और यह कानून बना है। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि अब ऐसे नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई संभव होगी, जो न्यूनतम वेतन नहीं देते हैं। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार ऐसे लोगों पर कानूनन सख्त कार्रवाई करेगी।

 

 

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