दोनों पक्ष मिलकर सुलझाएं राम मंदिर का मुद्दा, जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता : सुप्रीम कोर्ट

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-सुप्रीम कोर्ट ने दोंनो पक्षों को 31 मार्च तक बातचीत करने का दिया समय
-68 साल से लटका हुआ है राम मंदिर मामला
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का आज राम मंदिर मामले में एक बड़ी टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले पर अहम टिप्पणी करते हुए मंगलवार को कहा कि दोनों पक्ष आपस में मिलकर इस मामले को सुलझाएं. अगर जरूरत पड़ती है तो सुप्रीम कोर्ट के जज मध्यस्थता को तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राम मंदिर का मामला धर्म और आस्था से जुड़ा है। इसलिए बेहतर है कि दोंनो पक्ष आपस में मिल बैठ कर मामला सुलझाएं।
इस मामले में कोर्ट की टिप्प्णी के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली में याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने पत्रकारों को बताया कि चीफ जस्टिस ने कहा कि जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट के जज इस मामले में मध्यस्थता को तैयार हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए अगले शुक्रवार यानी 31 मार्च तक का समय दिया है।
गौरतलब है कि राम मंदिर का मामला 68 साल से लटका हुआ है। स्वामी ने बताया कि कोर्ट में उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राम जहां पैदा हुए मंदिर वहीं बन सकता है। मस्जिद कहीं भी बन सकता है। नमाज सड़क पर भी पढ़ा जाता है। हमें उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय इस सकारात्मक प्रस्ताव पर विचार करेगा। वहीं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अच्छी पहल की है। ये चर्चा सौहार्दपूर्ण तरीके से हो बीजेपी इसका स्वागत करती है।

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