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नई पेंशन योजना के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने काली पट्टी बांध कर मनाया काला दिवस

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विजय श्रीवास्तव
-जिला कोषागार के पं्रागण में किया धरना प्रदर्शन
-दर्जन भर कमचारी संगठनों ने लिया भाग
वाराणसी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज वाराणसी के समस्त शिक्षक व कर्मचारी संगठन ने बड़ी संख्या में जिला कोषागार के प्रांगण में अपने बांहों पर काली पट्टी बांध कर नई पेंशन योजना के खिलाफ काला दिवस में मनाते हुए धरना प्रदर्शन किया। इस धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सिंचाई विभाग, कोषागार, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विकास भवन, तहसील, कलेक्ट्रेट, चकबंदी, बांट-माप, सम्भागीय परिवहन, श्रम विभाग, सेवायोजन, आबकारी, सूचना, ग्राम्य विकास, कृषि, वाणिज्य कर, माध्यमिक शिक्षा व बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारी व शिक्षक उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शशिकांत श्रीवास्तव संचालन महामंत्री श्यामराज यादव ने किया।
धरना सभा में उपस्थित वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों कर्मचारियों द्वारा नई पेंशन योजना में किये गये अंशदान की वापसी की आज कोई गारंटी नहीं रह गई क्योंकि पुरानी पेंशन व्यवस्था की तरह नई अंशदाई पेंशन व्यवस्था में कर्मचारियों व शिक्षकों के अंशदान के स्थायित्व व वापसी की केन्द्र व सरकार द्वारा नहीं ली गई जिससे कर्मचारियों व शिक्षकों के निवेशित अंशदान ही नहीं अपितु भविष्य भी असुरक्षित हो गया द्यपी.एफ.आर.डी.ए. बिल से एक तरफ जहां शिक्षकों व कर्मचारियों का नई पेंशन योजना के तहत किया गया अंशदान उनके सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन यापन के लिए ही अपर्याप्त था वहीं उनके अंशदान को शेयर मार्केट में लगाकर पूंजीपतियों को लाभ देने की कुटिल चाल को अमलीजामा पहनाया गया जिससे नई अंशदाई पेंशन योजना शिक्षकोंध्कर्मचारियों के वृद्धावस्था को सुरक्षित करने के बजाय पूंजीपतियों के व्यापारिक योजनाओं को अमल में लाने के लिए धन उपलब्ध कराने का माध्यम बन गया ।

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धरने की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा नई पेंशन योजना का शुरू से विरोध किया गया तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने के प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन व भेंट हड़ताल व विधान भवन का घेराव किया गया तथा वर्ष २०१३ में लखनऊ से दिल्ली तक की साइकिल यात्रा करके जंतर-मंतर पर विशाल धरना और प्रदेश व्यापी आम हड़ताल किया गया था और उस समय ४० सांसदो के माध्यम से पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली हेतु तत्तकालीन प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह जी को पत्र भेजवाया गया था जिसमें वर्तमान मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी जो कि उस समय गोरखपुर के सांसद थे का भी पत्र शामिल था मगर अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि पिछले एक वर्ष से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ जी को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के लिए लिखा गया अपना ही पत्र याद नहीं हैद्यइसी तरह सामान्य लोकसभा निर्वाचन २०१४ में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर जब शिक्षकोंध्कर्मचारियों ने चुनाव में नोटा के प्रयोग की घोषणा किया तो वर्तमान गृहमंत्री भारत सरकार व तत्तकालीन भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह जी ने केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने पर नई पेंशन की समीक्षा करने वा पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आश्वासन देते हुए कर्मचारियोंध्शिक्षकों से नोटा का प्रयोग नहीं करने का अपील किया था परन्तु आज केन्द्र में भाजपा की सरकार बने चार वर्ष हो जाने के बाद भी राजनाथ सिंह जी को कर्मचारियोंध्शिक्षकों से किया अपना वादा याद नहीं है जिससे शिक्षकोंध्कर्मचारियों में आक्रोश है और यह लड़ाई पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने तक जारी रहेगी जिसकी घोषणा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश नेकी है।
’प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त लगभग तीन लाख पेंशन विहीन शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली के लिए अपने स्थापना काल वर्ष २००५ से ही लड़ने वाले संगठन विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तरप्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी शशांक कुमार पाण्डेय ने धरना सभा को संबोधित करते हुए बताया की पूरे उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के अन्तर्गत लगभग ५ लाख शिक्षक विभिन्न परिषदीय सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हैं जिसमें से लगभग तीन लाख विशिष्ट बीटीसी शिक्षक पेंशन विहीन है वहीं जनपद वाराणसी के कुल कार्यरत दस हजार शिक्षकों में से लगभग छह हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षक सरकार के साजिश के शिकार होकर पेंशन विहीन है जो पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल होने तक इस लड़ाई को जारी रखेंगे क्योंकि पुरानी पेंशन व्यवस्था हम शिक्षकोंध्कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है।

’धरना सभा में उपस्थित समस्त कर्मचारियोंध्शिक्षकों का स्वागत एवं आभार प्रकट करते हुए परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि स्थानीय निकाय के लोग भी इस लड़ाई में अपना सहयोग प्रदान करेंगे द्यप्रदेश का कर्मचारी व शिक्षक अब शान्त नहीं बैठ सकता जब तक कि नई अंशदाई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं कर दी जाती।
आज के धरने में शशिकांत श्रीवास्तव (जिलाध्यक्ष), महिमादत्त द्विवेदी (संरक्षक),दिवाकर द्विवेदी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष),श्यामराज यादव (जिला मंत्री), शशांक कुमार पाण्डेय (प्रदेश मीडिया प्रभारी, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तरप्रदेश),बी.एन. चैबे, नागेन्द्र कुमार सिंह,बीकेन्द्र पाण्डेय, परशुराम यादव,मदन मोहन श्रीवास्तव, दीपेंद्र कुमार,पवन सिंह, दिनेश द्विवेदी, सीताराम, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, अशोक यादव, आनंद कुमार सिंह,प्रणव राय, दिनेश चन्द्र,रमा रुखैयार,रितु ओबराय,प्रीति गुप्ता, राजीव कुंवर श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, गोपेश यादव,सत्यप्रकाश पाल,अमिय रत्न पाठक, शेषनाथ वर्मा, बिंदु देवी,आशा पाठक,सुशील कुमार, राकेश शर्मा,दीपक श्रीवास्तव, लालाजी पटेल, अशोक सिंह, सुभाष सिंह, रामखेलावन, शशिकांत सिंह, राजेश सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, रामाश्रय पाल, पिनाकी चटर्जी, गीता उपाध्याय, गीतांजली राणा,शैल कुमारी,बीना सिंह, शकुंतला देवी, कुसुम पाण्डेय, अरुणा सिन्हा, रंजीता, त्रिभुवन यादव, गौरव जायसवाल,खंझाटी राम,प्रभात गोयल, अरविंद दूबे, अजीत कुमार, सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार,नीरज श्रीवास्तव,अंजनी राय आदि उपस्थित रहे और अपना विचार व्यक्त किए।

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