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नागरिकता अधिनियम, 2019 लोगों को नागरिकता देने का है लेने का नहीं : योगी आदित्यनाथ

विजय श्रीवास्तव
-प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान की भाषा बोलते है: केशव चन्द्र मौर्य
-जम्मू कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को बाहर निकालना काला अध्याय: स्मृति ईरानी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकता अधिनियम के लिए हुंकार भरी। इस दौरान श्री योगी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम- 2019 संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के पश्चात अब देश का कानून बन चुका है। यह कानून लोगों को नागरिकता देने की है। इससे किसी की नागरिकता किसी भी दशा में वापस नहीं ली जा सकती लेकिन अपना जनाधार खो चुकी विपक्षी दल के लोग मात्र लोगों को गुमराह करके हिंसा की राजनीति कर रहे। जिसे देश एवं यहां की 130 करोड़ जनता किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान डॉक्टर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 (सीएए) के समर्थन में आयोजित रैली में मौजूद जनसैलाब को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 (सीएए) के विरुद्ध लोगों को गुमराह एवं बरगला कर विरोध के नाम पर हिंसा की राजनीति कर देश का चीरहरण कर रहे हैं। ऐसे में इस कानून के संबंध में लोगों को सही जानकारी देने की जिम्मेदारी हम सभी लोगों की होती है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि देश का चीरहरण करने का प्रयास षड्यंत्र करके किया जा रहा है। इसका विरोध करने का अधिकार हमारा व देश के हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। योगी ने “मोदी है तो मुमकिन है” के कहावत को लोगों को याद कराते हुए कहां की इसी उद्घोष के साथ लोगों ने जनादेश देकर दूसरी बार वर्ष 2019 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुनः सरकार जिस विश्वास के साथ बनाया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि देश के अंदर अलगाववाद को पनाह देने के लिए अनुच्छेद 370 को कांग्रेस ने छद्म तरीके से संविधान में डाल दिया। कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था दो कानून नहीं चलेगा। अनुच्छेद 370 समाप्त हो गया है। ये महत्वपूर्ण कदम है। सीएए को लेकर लोगों को बात करनी चाहिए। आज कांग्रेस भ्रम फैला रही है। भारत के संविधान को चुनौती दे रहे हैं। नागरिकता कानून को लेकर भ्रम में न पड़े।
जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि 1990 मे जम्मू कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को बाहर निकाल दिया गया था। यह भारत में काले अध्याय के तौर पर जाना जाता है। कहा कि भारतीय नागरिक होने के नाते कहने में गर्व है कि बंटवारे के समय नौ फीसद से बढ़कर देश में अल्संख्यक आबादी 14 फीसद तक हो गई लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यक घटते- घटते आज महज तीन फीसद तक सिमट गए हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 (सीएए) कानून का चर्चा करते हुए कहां की यह कानून लोगों को नागरिकता देने का है। इससे किसी का भी नागरिकता वापस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि रामलला का अयोध्या में भव्य मंदिर जल्द बनेगा और काशी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का भव्य मंदिर का कार्य भी शुरू हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि नागरिकता देने का कानून तो पहले से है। केवल इसमें संशोधन इसलिए किया गया है कि पाकिस्तान बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता दिया जा सके। इससे विपक्षी दल बौखलाया हुआ है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान की भाषा बोलता है।
रैली को केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह एवं पूर्व रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, महेश चन्द्र श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।

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