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नागरिकता बिल पर भाजपा को शिवसेना ने दिया झटका, उद्धव ठाकरे बोले- हम बिल का समर्थन नहीं करेंगे, जेडीयू दफ्तर में भी तोड़-फोड़

राजनीतिक डेस्क

  • केवल भाजपा देश का हित चाहती है यह एक भ्रम है- उद्धव ठाकरे
    -जेडीयू कार्यालय में तोडफोड, प्रशांत किशोर व पवन वर्मा नीतीश कुमार के फैसले से खुश नहीं
    नई दिल्ली। भाजपा ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक को भले ही आसानी से पास करा लिया लेकिन अब राज्यसभा में उसे मंजूरी दिलाना बहुत आसान नहीं होगा। शिवसेना ने भी आज नागरिकता बिल पर भाजपा को झटका देते हुए कहा कि जबतक सरकार बिल से जुडी हर बातों को स्पष्ट नहीं कर देती तब तक वह बिल को समर्थन नहीं करेंगे। तीखी टिप्पणी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि केवल भाजपा देश का हित चाहती है यह एक भ्रम है। उधर बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी में उपाध्यक्ष प्रशान्त किशोर के साथ पवन वर्मा ने नीतीश कुमार के फैसले पर नाराजगी जता कर उन्हें संकट में डाल दिया है। उधर नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता बिल की कॉपी फाड़ी साथ ही प्रदर्शनकारियों ने जेडीयू दफ्तर में तोड़-फोड़ की।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धोखेबाज तक कह डाला। इससे पहले प्रशांत किशोर व पवन वर्मा नीतीश कुमार के फैसले से नाखुशी व्यक्त कर चुके हैं।
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन विधेयक बिल में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है। पहले शिवसेना ने समर्थन की बात की थी जबकि कांग्रेस व शरद पवार की पार्टी ने शुरू से ही विरोध करने की बात कर रहे हैं। लेकिन अब शिवसेना के उद्धव ठाकरे यूर्टन लेते हुए कहा है कि जब तक चीजें स्पष्ट नहीं हो जाती, हम समर्थन नहीं करेंगे। मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, अगर कोई भी नागरिक इस बिल की वजह से डरा हुआ है तो उनके शक दूर करना चाहिए। वे भी हमारे नागरिक हैं, इसलिए उनके सवालों के भी जवाब दिए जाने चाहिए। वैसे लोकसभा में बिल के पास होने से पहले शिवसेना ने इसका विरोध किया था, फिर जब इस सदन में पेश किया गया तो शिवसेना के सांसदों ने इस बिल का समर्थन किया।
गौरतलब है कि सोमवार को निचले सदन में विधेयक पर सदन में सात घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक लाखों करोड़ों शरणार्थियों के यातनापूर्ण नरक जैसे जीवन से मुक्ति दिलाने का साधन बनने जा रहा है। ये लोग भारत के प्रति श्रद्धा रखते हुए हमारे देश में आए, उन्हें नागरिकता मिलेगी।

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