निठारी कांड: कोर्ट ने 8 वें केस में आरोपी पंढेर और कोली को सुनाई फांसी की सजा

koli_pa
-पढ़ेर को पहली बार कोर्ट ने दी फांसी
-कोली को इससे पूर्व 7 बार दी चुकी हैं फांसी
गाजियाबाद। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में कोर्ट का फिर एक बड़ा फैसला आया है। जिसके तहत आरोपी मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई गई है। गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 20 वर्षीय पिंकी सरकार रेप और मर्डर केस में पंढेर और सुरेंद्र कोली को दोषी पाया था। साल 2006 में हुए निठारी कांड का यह 8वां केस है, जिसमें दोनों को सजा सुनाई गई है।
गौरतलब है कि पूरे देश को झकझोर देने वाले नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में आरोपी मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा मिली है। नोएडा के निठारी की रहने वाली पिंकी सरकार के अपहरण, रेप और हत्या करने के मामले में सीबीआई ने पंढेर और कोली को आरोपी बनाया था। निठारी कांड के अन्य मामलों में कोली को अब तक 7 बार फांसी की सजा मिल चुकी है, लेकिन पंढेर अब तक जमानत पर बाहर था। लेकिन अब पंढेर को भी हत्या और रेप सहित साजिश रचने का दोषी पाया गया है।
मालूम हो कि वर्ष 2006 में नोएडा का निठारी गांव में स्थित कोठी नंबर डी-5 में यहां से जब नरकंकाल मिलने शुरू हुए, तो पूरे देश में सनसनी फैल गई। सीबीआई को जांच के दौरान मानव हड्डियों के हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले थे, जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंक दिया गया था। कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को पुलिस ने धर दबोचा। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब 7 मई 2006 में पायल नाम की लड़की लापता हो गई थी। वह मोनिंदर पंढेर की कोठी में रिक्शे से आई थी। उसने रिक्शेवाले को कोठी के बाहर रोका और वापस आकर पैसे देने की बात कही थी। काफी देर बाद जब वह वापस नहीं लौटी तो रिक्शेवाला पैसे लेने के लिए कोठी का गेट खटखटाया। इस पर उसे सुरेंद्र कोली ने बताया कि पायल काफी देर पहले जा चुकी है। रिक्शेवाले का कहना था कि वह कोठी के सामने ही था, पायल बाहर नहीं निकली। यह बात पायल के घरवालों तक पहुंची। इसके बाद पायल के पिता नंदलाल ने एफआईआर लिखवाई कि उसकी बेटी कोठी से गायब हो गई। पुलिस पूरी तरह जांच में जुट गई।
इससे पहले निठारी से एक दर्जन से ज्यादा बच्चे गायब हो चुके थे। पुलिस को जानकारी मिली कि पायल के पास एक मोबाइल फोन था। जो घटना के बाद से स्विच ऑफ था। पुलिस ने उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई, तो मुंबई से लेकर तमाम जगहों के नंबर मिले। उन नंबरों की जांच की गई, जिसमें सुराग मिल गए। उसके आधार पर पुलिस ने कोठी पर छापा मारा। इस तरह से निठारी के नर पिशाच का काला सच सबके सामने आ गया।

Share

Leave a Reply

Share