नोटबंदी के दौरान बैंकों में मोटी रकम जमा करने वाले अब रडार पर

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-18 लाख लोग आयकर विभाग को नोटिस भेजने की तैयारी
-हिसाब ना देने वालों पर जनवरी से एक्शन
-कालेधन रखने वालों पर फिर जनवरी से कहर बन कर टूटेगी मोदी सरकार
-31 दिसंबर को तक जाएगा नोटिस
नई दिल्ली। नोटबंदी व जीएसटी के बाद अब मोदी सरकार एक बार फिर एक्शन में आने जा रही है। वैसे यह एक्शन गुजरात चुनाव के बाद जनवरी से होगा। जिसके तहत नोटबंदी के दौरान बैंको में जमा कराये गये मोटी रकम व फिक्स कराने वालों पर सरकार तिरछी नजर करने वाली है। इसके तहत आयकर विभाग अगले साल यानी जनवरी से उन आयकरदाताओं का पूर्ण आकलन शुरू करेगा, जिन्होंने नोटबंदी के बाद बिना हिसाब किताब के धन बैंकों में जमा कराया है, लेकिन अभी तक अपना आयकर रिटर्न जमा कराने में विफल रहे हैं। आयकर विभाग 31 दिसम्बर तक ऐसे लोंगो को नोटिस भेज कर उनसे हिसाब किताब मागेगी। अगर उन्होंने हिसाब किताब सही नहीं दिया तो आयकर विभाग कडी कार्रवाही करेगा।
विभाग के लिए नीतियां बनाने वालें केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कर अधिकारियों से कहा है कि ऐसी इकाइयों को नोटिस भेजने का काम 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए। आयकर नोटिसों का जवाब मिलने के बाद विभाग इन लोगों के खिलाफ पूर्ण आकलन की प्रक्रिया शुरू करेगा। एक वरिष्ठअधिकारी ने कहा कि ऐसे मामले जिनमें नोटिसों का जवाब मिल गया है उनका अभी विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने कालेधन को सफेद कर दिखाने और कर चोरी का प्रयास किया है उनके खिलाफ अभियोजन चलाया जाएगा। यह कार्रवाई स्वच्छ धन अभियान के तहत की जा रही है। इसे विभाग ने इसी साल शुरू किया था, जिससे नोटबंदी के बाद कालेधन के मामलों पर अंकुश लगाया जाएगा। सीबीडीटी ने कर अधिकारियों से कहा है कि वे इन लोगों को ई-मेल या डाक के जरिये नए नोटिस भेजें। ये नोटिस आयकर कानून (आकलन से पहले जांच) की धारा 142ः1ः के तहत जारी किए जाएंगे।
आंकड़ा विश्लेषण और स्वच्छ धन अभियान के ऑनलाइन सत्यापन के पहले चरण के तहत जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर 18 लाख लोगों की सूची बनाई गई है, जिन्होंने नोटबंदी की अवधि 8 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के दौरान अपने बैंक खातों में उल्लेखनीय नकदी जमा कराई है, लेकिन उन्होंने अभी तक 2017-18 के आकलन वर्ष के लिए आयकर रिटर्न जमा नहीं कराया है।

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