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परम पावन दलाई लामा का भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में भव्य स्वागत

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विजय श्रीवास्तव
-तिब्बती संस्थान में रहेंगे दलाई लामा चार दिन
-तिब्बती संस्थान के स्वर्ण जयन्ती समारोह व दो दिवसीय सेमीनार में करेंगे शिरकत
-सुरक्षा की चाक चैबन्द व्यवस्था
-दर्शानार्थियों का ताता, तिब्बतियों ने लगायी दर्जनों दुकानें

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वाराणसी। भगवान बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ में तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्मगुरू परम पावन दलाईलामा का आज भव्य स्वागत हुआ। उनका आगमन इस बार दो वर्ष बाद हो रहा है। सैकडों की संख्या में उनके अनुयायियों ने उनका खाता व धूप से किया। वह केन्द्रीय तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होने वाले स्वर्णजयन्ती समारोह में शिरकत करेंगे इसके साथ ही दो दिवसीय अन्तर्राष्टीय सेमीनार में भाग लेंगे। परम पावन के आगमन के दृष्टिगत जहां तिब्बती संस्थान को विधिवत सजाया गया है वहीं कई तोरण द्वार के साथ ही परिसर में सडकों पर पारम्परिक तिब्बती रंगोली भी बनायी गयी है।

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परम पावन दलाई लामा आज अपराह्न लगभग 1 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से वे सडक मार्ग से होते हुए 2 बजे केन्द्रीय तिब्बती शिक्षा संस्थान पहुंचे। उनके आगमन के दृष्टिगत आज तिब्बती संस्थान के 200 मीटर पहले से ही सडकों के दोंनो ओर तिब्बती बौद्ध धर्मावलम्बी हाथों में खाता व धूप लिए दो घंटे से खडे थे। संस्थान परिसर में संस्थान के कर्मचारी-अध्यापक व छात्रगण ने उनके आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया। उनके आगमन पर तिब्बती कलाकार पारम्परिक रूप से नृत्य करते हुए उनका स्वागत किया। इसके साथ ही बौद्ध संगीत यंत्र ग्यालिन आदि बजा कर उनका स्वागत किया। कार से उतरने पर उनका स्वागत संस्थान के निदेशक प्रो. नवांग समतेन खाता भेट कर किया। उसके बाद वे संस्थान में स्थित अपने आवास में चले गये। उनके स्वागत के तहत सुरक्षा के कडे बन्दोबस्त किये गये थे। स्थानीय सिक्योरिटी के साथ ही संस्थान व दलाई लामा की अपनी सिक्योरिटी ने भी मोर्चा संभाल रखा था। इस दौरान जिनके पास बने थे उन्हें ही अन्दर प्रवेश करने दिया जा रहा था।

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परम पावन कल यानि 30 व 31 दिसम्बर को दो दिवसीय सेमीनार में शिरकत करेंगे वहीं 1 जनवरी को संस्थान के पूरे पचास वर्ष होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयन्ती समारोह में भाग लंेगे। दो दिवसीय सेमीनार में देश-विदेश के दो विद्धान भाग लेंगे। वे 2 दिसम्बर को यहां से प्रस्थान करेंगे। दलाईलामा संस्थान में अपने आवास में ही रहेंगे। घुटने में शिकायत के चलते उनके आवास में लिफ्ट की व्यवस्था भी की गयी है। चीन से होने वाले खतरें को देखते हुए उनके सुरक्षा की कडी व्यवस्था की गयी है। सुरक्षा एजेंन्सियों ने परिसर में डेरा डंडा डाल दिया है।

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