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पॉक्सो एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर, अब मासूमों के साथ रेप पर फांसी

rape-demo

विजय श्रीवास्तव
-12 से 16 वर्ष तक के लडकी के साथ गैंगरेप पर उम्रकैद या कम से कम 20 वर्ष की सजा
-महिला से रेप पर 7 से बढा कर 10 वर्ष की सजा
वाराणसी। आखिरकार मीडिया और देश की जनता का दबाब रंग लाया। जिसके चलते आज 12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी। कैबिनेट की बैठक में ‘‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस‘‘ यानी पॉक्सो एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने से 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया।
निर्भया कांड के बाद जिस तरह से देश में पहली बार आजादी के बाद बिना किसी नेतृत्व के लोग सडकों पर उतर आये थे। देश के हर गलियों व सडकों पर उस घटना के लिए विरोध जिस तरह से विरोध व आक्रोश था। जिसके चलते उस दौरान सरकार को कुछ बदलाव भी करने पडे थे लेकिन शायद वे नाकाफी थे। फिर उसी तरह से प्रतिदिन न्यूज पेपरों में इस तरह की घटनाओं की खबरें देखने को मिलने लगी। इस दोैरान नाबालिकों के साथ बलात्कार की घटना सामने आयी उस मानवता तार’-तार हो उठी। इसी बीच उन्नाव व कठुवा की बलात्कार की घटना ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इन दांेनो कांड में सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि सत्ता पक्ष शुरूआती दोैर में खुलकर ऐसे लोंगो को बचाव करती नजर आयी जिन्हें तत्काल शिकंजों के पीेछे होने चाहिए। जम्मू के कठुआ और उत्तर प्रदेश के एटा में नाबालिग बच्चियों के साथ रेप की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है, जिसके बाद सरकार ने नाबालिग बच्चियों से रेप करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही 16 वर्ष से कम लडकियों के साथ गैंगरेप व रेप जैसे जंघन्य अपराध के लिए उम्रकैद से लेकर 20 वर्ष तक की सजा का प्रावधान हुआ है। यह सब जनता, मीडिया व कोर्ट के पे्रशर के चलते ही संभव हो पाया है।
’पॉक्सो एक्ट के साथ रेप मामले के तहत निम्न बदलाव हुए’
1 – 12 साल की बच्चियों से रेप पर फांसी की सजा
2 – 16 साल से छोटी लड़की से गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा।
3 – 16 साल से छोटी लड़की से रेप पर कम से कम 20 साल की सजा
4 – सभी रेप केस में 6 महीने के भीतर फैसला सुनाना जरूरी।
5 – नए संशोधन के तहत रेप केस की जांच 2 महीने में पूरी करनी होगी।
6 – अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी।
7 – महिला से रेप पर सजा 7 साल से बढ़कर 10 साल होगी।

 

 

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