पिण्डरा के नहिया व मलहथ गांव मंे 10 दिन से अंधेरा, जल गया है ट्रांसफार्मर

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विजय श्रीवास्तव
-ग्रामीण अधिकारियों की लगा रहें है परिक्रमा
-जब कि ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे वहीं शहरी क्षेत्र में 24 घंटे में बदलने का है नियम
-नया भेजा गया ट्रांसफार्मर भी हुआ बेकार
वाराणसी। एक ओर अतुल निगम, प्रबन्ध निदेषक, पूर्वान्चल विद्युत वितरण निगम हाईडिल कालोनी में समीक्षा बैठक में पूर्वांचल को गुलजार बनाने व उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार का कश्ट न होने देने उनके षिकायतों को गंभीरता पूर्वक निस्तारण करने की हिदायत दे रहे थे वहीं उनके अधिकारी उनके आदेष व निर्देषों को पतीला लगाने में लगे हैं। यही नहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सरकार सत्ता संभलने के ऐलान करते हुए कहा था कि प्रदेश में ट्रांसफार्मर जलने की दशा में शहरी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने पर 24 घण्टे जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टो के अंदर बदले जाने की बात कही थी लेकिन उनके आदेश की धज्जिया और कहीं नहीं बल्कि पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में उडायी जा रही है। पिण्डरा तहसील के नहिया गाँव, मलहथ गाँव में दस दिनों से ट्रांसफार्मर 63 के वी का ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। लेकिन विभाग के अधिकारियों के कान मंे जू नहीं रेंग रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके लिए वे कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन के आलावा कुछ नहीं मिल रहा है। जिसके चलते पूरे गांव में अंधेरा छाया है। इन दोंनो गांवों में विगत दस दिनों से 63 केवी का ट्रांसफार्मर जला पडा है। जिससे बच्चों की पढाई के साथ पेयजल की समस्या भी बढ गयी है। इस सन्दर्भ में ग्रामीणों का कहना है िकइस सन्दर्भ में अधिकारियों ने शीघ्र ही बदलने का आश्वासन दिया। इस पर अधिकारियों ने गाँव से पुराना ट्रांसफार्मर मंगवाकर वाराणसी से दूसरा ट्रांसफार्मर नहिया व् मलहथ में भेज कर बिजली आपूर्ति शुरू करने का भरोसा ग्रामीणों को दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा गाँव में भेजा गया ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति शुरू ही नही हुई है। इससे घरों में रखे मोबाईल,टी वी, कूलर,फ्रिज,पंखा महज शो पीस बनकर रह गए हैं व् सिचाई बाधित है। इससे बिजली उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है।

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