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प्रेस कॉन्फेंस कर प्रियंका गांधी ने योगी सरकार और यूपी पुलिस पर साधा निशाना

ब्यूरो कार्यालय
-नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में यूपी पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए
-नोटबंदी की तरह लोगों को परेशान करने की योजना है

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार फिर योगी सरकार पर जोरदार हमला किया। लखनऊ में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंसं कर उन्होंने जहां योगी सरकार पर निशाना साधा वहीं पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा लग रहा है कि यूपी पुलिस बदले की भावना से काम कर रही है।
गोैरतलब है कि दो दिन पूर्व प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया था कि उनके साथ लखनऊ में पुलिस द्वारा बदसलूकी की गयी थी। इस दौरान उनके सुरक्षा में चूक की बात सामने आई थी। जिसके परिपेक्ष्य में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरी अपनी सुरक्षा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। आज यूपी में आम आदमी की सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। आज हम राज्य के लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार और राज्य पुलिस ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जो गैरकानूनी है और जिसके कारण अराजकता पैदा हुई है। इसे लेकर आज सुबह हमने राज्यपाल को एक चिट्ठी भी सौंपी है।
इस दौरान नागरिकता कानून को लेकर भी प्रियंका हमलावर रहीं और उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कानून संविधान के खिलाफ है। नोटबंदी की तरह लोगों को परेशान करने की योजना है। एनआरसी को लेकर कहा कि यह वैध नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह इसे लागू करने का बहाना है। मालूम हो कि कांग्रेस शासित राज्यों समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि एनआरसी लागू नहीं करेंगे।
प्रियंका गांधी ने इस दौरान योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा और कहा कि योगीजी ने जो भगवा धारण किया है वह उनका नहीं हिंदू धर्म का प्रतीक है। उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए। भगवान कृष्ण का यह देश है, वह करुणा के प्रतीक हैं।
प्रेस कॉन्फेंस के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि कई लोगों को गलत व बेवजह गिरफ्तार किया गया। उन्हें पीटा गया। पुलिस ने तोड़फोड़ की। इसका विडियो है। कानपुर में किसी नाबालिग को पुलिस द्वारा पीटने का भी विडियो भी सामने आया है। मैं बिजनौर गई थी और वहां 2 मृतकों के परिवार से मिली। उसमें से एक कॉफी मशीन चलाता था, वह दूध लाने गया था। उसे गोली लगी। पुलिस ने उसे सही जगह दफनाने भी नहीं दिया। जबकि दूसरे युवक का नाम सुलेमान था, जो पढ़ाई करता था। उसके परिजनों ने कहा कि पुलिस उसे उठाकर ले गई और बाद में उसकी लाश मिली। उन्होंने कहा कि एक 77 साल के पूर्व आइपीएस दारापुरीजी जो बेहद ही ईमानदार आदमी हैं। उन्हें फेसबुक पोस्ट की वजह से पुलिस उठाकर ले गई और उनसे जब मैं मिलने जाने लगी तो मुझे रोकने की कोशिश की गयी।

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