Breaking News

बाबा सांरगनाथ महादेव का किया गया हरियाली व हिमश्रृंगार

विजय श्रीवास्तव
-बर्फ की सिल्लियों से बने अरघे में सारंगनाथ व शोभनाथ रहे भक्तों के लिए आर्कषण का केन्द्र
-बाबा सारंगनाथ का दर्षन कर भक्त हुए निहाल
-151 लीटर दूध से वैदिक मंत्रों के साथ हुआ रूद्राभिषेक पाठ
-21 ब्राह्मणों द्धारा महाकाल डमरू आरती को भक्त मोबाइल कैमरें में कैद करते दिखे
वाराणसी। आस्था व तपस्या की तपोभूमि सारनाथ में आज बाबा सारंगनाथ महादेव का हरियाली व हिमश्रृगंार पूरे धूम-धाम से मनाया गया। हर-हर महादेव के उद्घोष से आज दिन भर पूरा सारनाथ गुंजायमान रहा। इस दौरान बर्फ से बने अरधें में सारंगनाथ व शोभनाथ का विशालकाय शिवलिंग के साथ 151 बर्फ की सिल्लियों पर दर्जनों देवी-देवताओं की प्रतिमाएं शिवभक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहीं। इस दौरान 11 बटुक ब्राह्मणों द्धारा सारंगनाथ मन्दिर में 151 लीटर दूध से सस्वर वैदिक मंत्रों के साथ रूद्राभिषक पाठ किया गया। साथ ही साथ 151 कपूर की बत्तियों से बाबा का 21 ब्राह्मणांे द्धारा महाकाल डमरू आरती के साथ मंन्दिर परिसर का सुगंधित फूलों से श्रृंगार भी भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही।
विगत वर्षो की भाति इस वर्ष भी सुबह 9 बजे बाबा सारंगनाथ मन्दिर में काशी के 11 बटुक ब्राह्मणों द्धारा वैदिक मंत्रों के साथ रूद्राभिषेक पाठ से आज के कार्यक्रम की शुरूआत हुई। यजमान के रूप मंे संतोष पाण्डेय अपनी धर्मपत्नी गायत्री पाण्डेय के साथ 151 लीटर दूध से बाबा सारंगनाथ व शोभनाथ का महारूद्राभिषेक किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों से गुंजायमान रहा। तत्पश्चात बाबा सांरगनाथ के गर्भगृह को बेला, गुलाब, जूही, गंेदा, रजनीगंधा व कामनी के पत्तियों व फूलों से सजाया गया। इसके बाद पूरे गर्भगृह को रंगबिरंगे बर्फ की सिल्लियों से अद्भूत ढंग से सजाया गया। तत्पश्चात बाबा को पंचामृत स्नान के साथ भांग भोग श्रृंगार किया गया। इसके बाद बाबा की आरती उतारी गयी। मंदिर के प्रवेश द्धार पर रंग-बिरंगे बर्फ पर बने अरधे में बाबा सारंगनाथ व शोभनाथ की विशालकाय शिवलिंग आकर्षण का केन्द्र रहे। साथ मंदिर परिसर में रंगबिरंगे बर्फ की सिल्लियों पर हनुमान जी, गणेश जी, कार्तिकेय, शंकर, आदिशक्ति के साथ दर्जनों की संख्या में आकर्षण प्रतिमाए भी भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। इस दौरान 151 कपूर की बत्तियों से पूरे मंदिर परिसर में 21 ब्राह्मणांे द्धारा महाकाल डमरू आरती के दौरान पूरा जनसैलाब उमड पडा। इस दौरान भक्त अपने मोबाइल कैमरें में दिव्य क्षण को कैंद करते दिखें।
अपराह्न एक बजे से वाराणसी के प्रख्यात भजन गायक सुरेन्द्र मिश्र तथा की बलिया की भक्ति संगीत के प्रख्यात गायिका इन्दुलता की भजन प्रस्तुती की गयी। इस दौरान जब भजन गायिका इंदुलता ने भोजपुरी में बमबम बोल रहा है काशी………., सावन में देवघर जाइब सैया…………., पता कइला बलमवा रेलियाॅ कहा से चलत बा……….. भर भक्त भावविभोर होकर झूमतें नजर आए। इसके साथ ही भजन गायक सुरेन्द्र मिश्र के भोजपुरी भजन महाकाल के गले में सोहे नरमुंडों माला…., ऐ बाबा गजब है डमरूवाला………., शिवशम्भू सा निराला कोई देवता नहीं………………….पर भी भक्त झूम उठें।
कार्यक्रम में अजय मिश्र, राजेश जायसवाल, कौशल पाण्डेय, नितिश पाण्डेय मोनू महराज, इन्द्रमणि पाण्डेय, प्रदीप पाण्डेय, विजय राय, राजेश पाल, प्रदीप मिश्रा, विजय श्रीवास्तव, चुनमुन पाण्डेय, महेन्द्र पाल पिण्टु, छेदी बाबा सहित सैकडों लोग उपस्थित रहे। इस दौरान भक्तों को प्रसाद वितरण भी किया गया।

Share

Related posts

Share