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बिहार में फाइनल मेैच आज : नीतीश व लालू की टीम तैयार, क्रासिंग वोट से हलचल

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विजय श्रीवास्तव
-जीतनराम माझी भी बन सकते है नीतीश की टीम का हिस्सा
-अपराह्न 11 बजे होगी विधानसभा में अग्निपरीक्षा
पटना/वाराणसी।  किसी ने सही ही कहा हेै कि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। एक दूसरे के घुर विरोधी व पानी पी-पी कर कोसने वाले भी मौके पर एक हो जाते हैं। यह सब कुछ आज बिहार के सियासत में देखने को मिल रहा है। यह उसी का परिणाम रहा कि मात्र 16 घंटे से भी कम समय में नीतीश कुमार सीएम पद से इस्तीफा देकर पुनः शपथ ग्रहण कर सके। वैसे इस सियासती ड्रामा से कई दोस्त जहां दुश्मन बन गये वहीं कई दुश्मन मित्र बन गये। आज एक बार फिर इसी सियासती ड्रामा का अन्त बिहार विधानसभा में बहुमत साबित कर होना है। जो आज 1.5 डेढ़ घंटे बाद होगा।
गौरतलब है कि आज विधानसभा में नीतीश कुमार को अपना बहुमत साबित करना है। अगर गणित की बात की जाये तो बहुमत साबित करने में कोई विशेष असुविधा नहीं होनी चाहिए लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी में जिस तरह से विरोध के सुर पनप रहे हैं। उससे भाजपा समेत नीतीश की नींद उड़ा दी है। क्रास वोटिंग की सभांवना से नीतीश परेशान है। वैसे इसके लिए भाजपा व नीतीश कुमार ने कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। यहां तक की नीतीश कुमार ने कभी करीबी फिर विरोधी हो चुके पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम माझी से भी नजदीकियां बढ़ा दी है और अगर सब कुछ ठीक रहा तो माझी नीतीश के मंत्रीमंडल में आसीन भी हो सकते हैं। इसके साथ भाजपा भी अपनी नाक बचाने के लिए हर नीतीश की पार्टी के वरिष्ठ नेताअेां को केन्द्र सरकार में मंत्री पद तक का लालच दे रही हैं। वहीं दूसरी ओर लालू यादव व तेजस्वी यादव ने गुप्तमतदान की मांग की है। मालूम हो कि तेजस्वी ने दावा किया है कि नीतीश कुमार के कई विधायक उनके सम्पर्क में हैं। अगर बिहार की राजनीतिक में जाति चढ़ कर बोला तो नीतीश के लिए मुसीबत बन सकती है क्योंकि नीतीश के पार्टी में 11 विधायक यादव हंेै। सूत्रों के अनुसार वे लालू यादव के सम्पर्क में भी है। इसके साथ 5 मुस्लिम विधायक को भी लेकर भाजपा व नीतीश सकते में है। जेडीयू ने कहा भी है कि सीएम नीतीश के पक्ष में क्रॉस वोटिंग हो सकती है और अगर ऐसा कुछ हुआ तो नीतीश के लिए मुसीबत बन सकती हैं।
बहरहाल इन सब के बीच नीतीश कुमार को आज शुक्रवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है। विश्वास मत हासिल करने के बाद मंत्रिपिरषद् का विस्तार किया जाएगा।

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