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बीएचयू प्रकरण में पीएम मोदी व पार्टी अध्यक्ष शाह ने सीएम योगी से की बातचीत

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विजय श्रीवास्तव
-वीसी ने कहा- हाई लेवल कमेटी देगी एक हफ्ते में रिपोर्ट
-मुख्य सचिव ने भी रिपोर्ट की है तलब
वाराणसी। आखिरकार बीएचयू में छेडखानी से उठे हिंसात्मक आंदोलन की आंच दिल्ली तक पहुच गयी। आज स्वंय पीएम नरेन्द्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से दिल्ली में बात कर इस सन्दर्भ में रिपोर्ट मांगी है। बीएचयू में छात्रों पर लाठी चार्ज का मुद्दा चन्दौली के साथ दिल्ली तक पहुच चुकी है। जिसके चलते कई छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया हेै। इस सन्दर्भ में रेल मंत्री पियुष गोयल व सडक व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्यसरकार इस सन्दर्भ में गंभीरता से काम कर रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार 21 सितंबर की रात बीएचयू कैम्पस में भारत कला भवन के पास आर्ट्स फैकल्टी की एक गर्ल स्टूडेंट के साथ तीन लड़कों ने छेड़छाड़ की थी। शोर मचाने पर भी 20 मीटर दूर खड़े सिक्युरिटी गार्ड्स ने कोई मदद नहीं की। विक्टिम ने हॉस्टल में आकर वार्डन से शिकायत की। चीफ प्रॉक्टर को भी सूचना दी। इसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। जिसको लेकर छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया। जिसकों लेकर शनिवार रात छात्रों व छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया। वैसे लाठीचार्ज के मामले में पहली कार्रवाई के तहत लंका इलाके के थाना प्रभारी (एसओ) को लाइन अटैच कर दिया गया। भेलूपुर के सर्कल ऑफिसर (सीओ) निवेश कटियार को भी उनके पद से हटा दिया गया। जैतपुरा के एसओ संजीव मिश्रा को लंका इलाके का नया एसओ बनाया गया है। इतना ही नहीं, वाराणसी के एसीएम प्रथम सुशील कुमार गोंड को भी हटा दिया गया है। इस मामले में प्रशासन ने बीएचयू के 1200 छात्रों पर आगजनी और अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर चीफ सेक्रेटरी राजीव कुमार ने शनिवार रात बीएचयू में हुए लाठीचार्ज की घटना की जांच का आदेश देते हुए एडीजी और कमिश्नर से ज्वाइंट रिपोर्ट तलब की है।
इस बीच, डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने बीएचयू रजिस्ट्रार को पत्र लिख कर कैम्पस में जल्द से जल्द लेडी सिक्युरिटी गार्ड्स और सीसीटीवी का इंतजाम करने को कहा है।
वैसे अब बीएचयू के वाइस चांसलर (वीसी) जीसी त्रिपाठी ने मामले की नैतिक जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं छात्राओं के प्रोटेस्ट में जाकर उनसे मिलना चाहता था। मुझे पता चला कि वहां महामना (मदनमोहन मालवीय) का अपमान हो रहा है और बाहरी लोग धरना-प्रदर्शन में शामिल हैं। इसलिए मैं वहां नहीं गया। हमने इस घटना की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई है, जो इसकी पूरी रिपोर्ट एक हफ्ते में देगी।‘‘

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