बुद्ध के उपदेशों से विश्व में सुख-शान्ति की स्थापना संभव

pali
-श्रावस्ती में दो दिवसीय पाली दिवस का आज हुआ उद्घाटन
श्रावस्ती। भगवान बुद्ध के उपदेश सर्वमान्य के लिए सदैव हितकर रहे हैं। उनके विचारों ने न केवल भारत वरन् विदेशों में लोंगो को एक दिशा देने का कार्य किया है। बुद्ध के उपदेश की प्रासंगिता जितना उस समय थी, उसकी प्रासंगिता आज और बढ़ गयी हैं। वर्तमान युग में शाक्यमुनि गौतम बुद्ध के उपदेशों से ही विश्व में सुख एवं शान्ति की स्थापना की जा सकती है।
उक्त बातें श्रावस्ती में स्थित भारतीय बौद्ध विहार एवं श्रामणेर प्रशिक्षण केन्द्र के तत्वावधान में पालि सोसायटी द्वारा द्विदिवसीय अन्तर्राष्टीय संगोष्ठी व 7 वां पालि दिवस समारोह का उद्घाटन कर सम्बोधित करते हुए करते हुए श्रावस्ती के उपजिलाधिकारी सुनील बरनवाल ने कहीं। इस दौरान नायब तहसीलदार राजेश पाण्डेय ने कहा कि बुद्ध के उपदेश में विश्व में शान्ति स्थापित करने की शक्ति है।
मुख्य वक्ता के रुप में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के प्रो0 हर प्रसाद दीक्षित जी ने कहा कि बुद्ध ने ढ़ाई हजार साल पहले जो उपदेश दिये थे, आज भी प्रासंगिक है, आज उस पर चलने की आवश्यकता है।
वक्ताओं की क्रम में प्रो. वांगचुक दोर्ज नेगी-लद्दाख, भिक्षु डाॅ. रमेश चन्द्र नेगी, डाॅ. पेमा तेनजिन- तिब्बत,  डाॅ. रमेश प्रसाद, डाॅ. अनामिका सिंह, बुद्ध घोष- वाराणसी, सुश्री तोषिको इडाका-जापान, यू. योबा था- बर्मा, डाॅ. ज्ञानादित्य शाक्य- नोएडा, भिक्षु डाॅ. उपनन्द-लखनउ, भिक्षु देवेन्द्र-श्रावस्ती आदि ने अपने-अपने विचारों से जनता को लाभान्वित किया।
इस कार्यक्रम में पालि सोसायटी आॅफ इण्डिया के पदाधिकारी संजय कुमार, अजय कुमार मौर्य, भिक्षु धर्मप्रिय सहित देश-विदेश के अनेकों विद्वान् एवं सैकड़ों श्रोताओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय बौद्ध विहार एवं श्रामणेर प्रशिक्षण केन्द्र, श्रावस्ती के पूज्य भन्ते संघानन्द महास्थविर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सोसायटी के सचिव एवं कार्यक्रम के संयोजक भिक्षु नन्दरतन थेरो ने किया। मंच का संचालन भन्ते ज्ञानालोक ने किया।

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