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बुनकरों का कल से प्रदेशव्यापी अनिश्चित कालीन पावरलूम बंदी, हथकरघा डायरेक्ट ने कहा कि बंदी नहीं होगी, कैबिनेट में पास, जुलाई तक लगेंगे पुराने फ्लैट रेट

विजय श्रीवास्तव
-सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में कल से पूरे प्रदेश में पावरलूम होंगे बंद
-बुनकरों से बातचीत के बाद आगे के फ्लैट रेट का निर्णय लिया जायेगा
-सरकार समर्थित कुछ बुनकर संघ का दावा कि सरकार ने संघ की बात मानी, बंदी का कोई औचित्य नहीं

वाराणसी। प्रदेश भर के बुनकर संघ एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार के वादा खिलाफी के विरोध में कल से पूरे प्रदेश में पावरलूम बंद करेंगे। जबकि वहीं हथकरघा विभाग के डायरेक्टर व आयुक्त हथकरघा ने दावा किया है कि बुनकर संघ कल से बंदी नहीं करेगा और सरकार ने उनकी जुलाई तक के फ्लैट रेट लेने का कैबिनेट में निर्णय कर लिया है। जबकि बुनकर संघ इसे अभी प्रस्ताव की बात कह कर कल से स्ट्रªाइक का मन बना चुका है। जिसके तहत पूरे प्रदेश में कल से पावरलूम पूरी तरह से बंद होगें जबकि 20 अक्टूबर से अनिश्चित कालीन स्ट्रªाइक पर बुनकर चले जायेगें। इसके साथ ही कुछ सरकार समर्थित बुनकर संगठन का कहना है कि सरकार ने बुनकरों की मांग मान ली है तो बंदी का कोई अब औचित्य नहीं दिखता।


इस सन्दर्भ में जब प्रदेश के डायरेक्टर व आयुक्त हथकरघा राम रमन से फोन पर बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि बुनकर संघ स्ट्रªाइक पर नहीं जा रहा है। यह पूछे जाने पर क्या उनकी जुलाई तक पुराने फ्लैट रेट दर से लेने पर सरकार ने सहमति दे दी है। जिसपर उन्होंने कहा कि यह कैबिनेट में पास हो गया है कि 31 जुलाई तक पुराने फ्लैट रेट की दर से ही बिल लिए जायेगें। उसके बाद के फ्लैट रेट के सन्दर्भ में बुनकर संघ से बातचीत कर रास्ता निकाला जायेगा। जबकि वहीं वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ अध्यक्ष राकेश कान्त राय ने बताया कि सरकार एक जिसे जीओ बता रही है वह वास्तव में अभी प्रस्ताव है जिसमें सरकार 1 जनवरी 2020 से 31 जुलाई तक पुराने लैट रेट की दर से लेने का प्रस्ताव है। सरकार ने अभी तक कोई आदेश नहीं जारी किया है इसलिए बुनकर संघ पूरे प्रदेश में कल से अपने पावरलूम को पुरी तरह से बंद कर स्ट्रªाइक पर जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल सरकार समर्थित संघ यह वायरल कर रहे हैं कि सरकार ने उनकी मांग मानली है जबकि ऐसा नहीं है। यह केवल बुनकरों को एक बार फिर बरगलाने का प्रयास है। हम ऐसा नहीं होने देंगे और कल से स्ट्राइक करेेंगे। 3 सितम्बर को जो वार्ता सरकार की तरफ से की गयी थी।
क्यों बगावत पर उतरें है बुनकर संघ:
बुनकरों को वर्ष 2006 से फ्लैट रेट पर बिजली की सप्लाई की जाती थी। जिसको 1 जनवरी 2020 से यूनिट बेस्ड व्यवस्था करके 25 गुना विद्युत मुल्य बढ़ा दिया गया। कोरोनाजन्य विपत्ति और काफी मंदी में चल रहे बुनकर प्रतिनिधियों ने कई बार मुख्यमंत्री जी से मिले उनके द्वारा बार बार आश्वासन देने व समाधान न निकलता देख बाध्य होकर 1 सितंबर 2020 से बुनकरो ने पावरलूम का प्रदेश स्तरीय अनिश्चित कालीन बंदी कर दिया । बुनकरों के बढ़ते दबाव के मद्देनजर सरकार ने अपने विशेष दूत अपर मुख्य सचिव एम.एस.एम.ई.नवनीत सहगल को बुनकर प्रतिनिधियों के बीच खादी भवन लखनऊ में वार्ता के लिये भेजा। जहां पर बैठक कर प्रेस वार्ता के जरिये बताया कि जुलाई 2020 तक पुराने फ्लैट रेट से बिल लेगें और आगे भी 2006 से भी बढ़िया फ्लैट रेट बुनकरों को 15 दिन में देने की बात किये लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा ठोस कदम न उठाये जाने से लगातार बिजली विभाग के उत्पीड़न के शिकार व बकायेदार होते जा रहे है। उक्त परिस्थितियों से विवश होकर प्रदेश बुनकर सभा के आह्वान पर वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ .और तागे बाने सहित सभी अनुषांगिक व्यवसायियो व बुनकरों ने कल यानि 15 अक्टूबर से पावरलूम की अनिश्चितकालीन बंदी को बाध्य हो रहे हैं ।

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