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बुनकरों ने फ्लैट रेट पर बिजली सप्लाई बन्द करने को लेकर खोला मोर्चा, 1 सितम्बर से अनिश्चितकालीन सामूहिक बंदी की घोषणा

विजय श्रीवास्तव
-वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ ने प्रेस कान्फें्रस कर सरकार को किया आगाह
-मुलायम सिंह यादव की सरकार ने 2006 को बुनकरों को फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति देने का दिया था निर्देश
-योगी सरकार ने जनवरी 2020 से फ्लैट रेट समाप्त करने का दिया है निर्देश

वाराणसी। बुनकरों को दी जा रही फ्लैट रेट पर बिजली की व्यवस्था को पुन: बहाल करने को लेकर आज उत्तर प्रदेश बुनकर सभा व वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के संगठनों ने क्रमिक आन्दोलन की चेतावनी दी है। बुनकर सघं ने कहा कि योगी सरकार ने फ्लैट रेट को हटाकर यूनिट बेस्ड सर्कुलर जारी करने से बुनकरों के विद्युत बिल में 20 गुना वृद्धि हो गई । जिससे आज कोविड-19 के चलते जहां वैसे ही इस धंधे की कमर टूटी हुई थी वहीं विद्युत बिल में भारी बढ़ोतरी ने इससे जुड़े लोगों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है। बुनकर संघ ने योगी सरकार को चेतावानी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गयी तो 1 सितम्बर से बुनकर अनिश्चितकालीन सामूहिक बंदी करने के लिए बाध्य होंगे।

वाराणसी बुनकर संघ ने जनवरी 2020 से समाप्त किए जाने पर पुनः बहाली की मांग को लेकर आज उत्तर प्रदेश बुनकर सभा व वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के संगठनों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लोहता वाराणसी में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता ’उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के प्रदेश अध्यक्ष सर्व जनाब हाजी इस्तेखार अहमद अंसारी व ’वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ’ अध्यक्ष राकेश कांत राय ने किया। वक्ताओं ने कहा कि बुनकरों की खराब माली हालत व पलायन की समस्या को रोकने के लिए तत्कालीन मुलायम सिंह यादव की सरकार ने 14 जून 2006 को एक शासनादेश से बुनकरों को फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति करने का निर्देश दिया था और यह योजना 10 वर्षों तक ऊर्जा विभाग के हवाले रही लेकिन वर्ष 2015 -16 में हथकरघा वस्त्र उद्योग विभाग को यह योजना सौंपी गई।
वक्ताओं ने कहा कि लेकिन योगी सरकार ने 4 दिसंबर 2019 के शासनादेश से उत्तर प्रदेश की सरकार ने विद्युत सब्सिडी में भारी कमी करते हुए फ्लैट रेट (फिक्स रेट) को हटाकर यूनिट बेस्ड सर्कुलर जारी कर दिया जिससे बुनकरों के विद्युत बिल में 20 गुना वृद्धि हो गई। कोविड-19 के चलते ऐसे ही इस धंधे की कमर टूटी थी विद्युत बिल में भारी बढ़ोतरी ने इससे जुड़े लोगों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है ।


गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बुनकरों का जिन दो राज्यों से कड़ी स्पर्धा है गुजरात और महाराष्ट्र इन राज्यों में कच्चे माल की बहुत सी उत्पादन इकाइयों के साथ बहुत सारी सहुलियतें वहां की सरकारें आज भी दे रही हैं । जिससे वहाँ के उत्पादित माल की लागत काफी कम होती है । महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में पावरलूम बुनकरों से 3.50 रुपया प्रति यूनिट बिजली का बिल लिया जाता है । वहीं उत्तर प्रदेश के बुनकर विद्युत सब्सिडी के सहारे थोड़े से मदद से कुछ लड़ाई लड़ ले रहे थे । फ्लैट रेट समाप्त किए जाने से बुनकरों के बर्बादी की रही सही कसर भी पूरी हो गई।
वक्ताओं ने कहा कि दूसरी दिक्कत उत्तर प्रदेश में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर पालसी. एनवायरमेंट और मोटिवेशन का भारी अभाव है जो कि अन्य प्रदेशों में सहजता से उपलब्ध कराया जाता है इन सब सारी परिस्थितियों के दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश बुनकर सभा व वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के सामूहिक धूप से वाराणसी की इस बैठक में निम्नलिखित प्रस्तावों को पास करते हुए सर्वसम्मति जताई गई जोकि निम्नलिखित है ।
1-01 सितम्बर से बुनकर अनिश्चितकालीन सामूहिक बंदी करेंगे।
2-15 सितम्बर को बुनकर बिजली विभाग के अपने-अपने डिविजन आफिस में जाकर सामूहिक कनेक्शन पी0डी0 (परमानेंट डिस्कनेक्शन) कराने का कार्य करेंगे।
बैठक का संचालन संजय मौर्या (प्रधान) तथा सहःसंचालन रमजान अली (पार्षद) ने किया। इस दौरान शैलेश सिंह अकरम अंसारी जीशान आलम. ज्वाला सिंह विनोद मौर्या प्रमोद मिश्रा अजित गुप्ता, असलम भाई अंजन सोमानी अनिल मुंद्रा मनीष काबरा आदि उपस्थित रहे।

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