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बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ में किया विश्वशान्ति के लिए प्रार्थना

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-दूसरे दिन 20 हजार देश-विदेश के बौद्ध श्रद्धालुओं ने किया बुद्ध अस्थि का दर्शन

वाराणसी। आस्था व तपस्या की तपोभूमि पर आज दूसरे दिन भी बौद्ध अनुयायियों का जमावड़ा देखने को मिला। कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन भी आज देश-विदेश के हजारों बौद्ध अनुयायियों ने भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि को नमन किया। इस दौरान बौद्ध अुनयायियों ने खाता व कमल का पुष्प अर्पित किया। शाम को बोधि वृक्ष पर श्री लंका, म्यामार, थाईलेैण्ड, इण्डोनेशिया, व ताइवान के बौद्ध अनुयायियों ने महोबोधि सोसायटी आॅफ इण्डिया के महासचिव भन्ते पी सिबली थेरो के नेतृत्व में विश्व शान्ति के लिए प्रार्थना किया।

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गौरतलब है कि महाबोधि सोसायटी आॅफ इण्डिया के 125 वर्ष पूरा होने पर तीन दिवसीय कार्यक्रम कर रहा है। मूलगंध कुटी विहार परिसर में स्थित बुद्ध मन्दिर में भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों का दर्शन करने के लिए आज सुबह से ही लम्बी लाइन लगी थी। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की अस्थि को तीन दिनों के लिए बौद्ध अनुयायियों के दर्शनार्थ रखा जाता हैं, जबकि पहले यह एक दिन के लिए रखा जाता था लेकिन कुछ वर्षो से यह तीन दिनों के लिए रखा जाता है। सोमवार को भी इस अस्थि का बौद्ध अनुयायी दर्शन पूजन करेंगे, फिर अपराह्न 1 बज से भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों का भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी। जो मूलगंध कुटी विहार परिसर से प्रारम्भ होकर सारनाथ के विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए सारनाथ खण्डहर परिसर होते हुए पुनः मूलगंध कुटी पर समाप्त होगी। आज दर्शन करने वालों में विदेशियों बौद्ध अनुयायियों की संख्या अधिक थी। पूरे परिसर को विद्युत झालरों, पंचशील झण्डों व फूलमालाओं से विधिवत सजाया गया था।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पूरे सारनाथ में बुद्धम् शरणम् गच्छामि, संघम् शरणम् गच्छामि, धम्मं् शरणम् गच्छामि की गूंज से पूरा वातावरण गुंजायमान हो रहा है। इस दौरान श्री लंका व ताइवान से कलाकार अपने पारम्परिक वेश भूषा व वा़द्य यऩ्त्रों को बजाते हुए नृत्य किया। इससे पूर्व सुबह मूलंगध कुटी विहार स्थिति बुद्ध मन्दिर में विधिवत पूजा पाठ किया गया । गौरतलब है कि मुलगंध कुटी विहार के 85 वर्ष भी पूरे हो चले है। जिसके चलते मूलगंध कुटी विहार को भी विशेष रूप से सजाया गया था। तीन दिवसीय कार्यक्रम के चलते भारी भीड़ं सारनाथ में देखने को मिली। कई बार सारनाथ संग्रहालय, सारनाथ रेलवे स्टेशन, संग्रहालय के समीप जाम की स्थिति देखने को मिली।

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