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ब्रह्माबाबा की 48 वीं पुण्य तिथि : कैण्डिल पीस मार्च से दिया विश्व शान्ति का संदेश

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– ब्रह्माकुमारी संस्था के संस्थापक ब्रह्माबाबा की 48वीं पुण्य तिथि मनायी गयी
-विश्व शान्ति  हेतु मौन के साथ की गई 12 घण्टे की साधना
– जीवन में कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए: प्रो. राम मोहन पाठक
वाराणसी। ब्रह्माकुमारी संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्माबाबा की 48वीं पुण्य तिथि देश-विदेश में स्थित संस्था की शाखाओं पर विविध आयोजनों के साथ मनाया गया। वाराणसी में सारनाथ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विश्व शान्ति हेतु विशेष मौन तपस्या के साथ कैण्डिल पीस मार्च का आयोजन किया गया। संस्था के सारनाथ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से निकाली गई पीस मार्च में संस्था के सदस्यों के साथ अनेक विशिष्टजनों की सहभागिता रही।

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संस्था के सभागार में आयोजित श्रद्धांजली समारोह में मुख्यअतिथि के पद से सम्बोधित करते हुए यश भारती पुरस्कार से सम्मानित प्रो. राम मोहन पाठक ने कहा कि जीवन का परम सत्य ही जीवन है। इस अमूल्य जीवन में कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। इसके साथ ही प्रसन्नता व निरोग भी जीवन में अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अध्यात्मिक उर्जा मन की शान्ति से ही मिलती है। आज पूरे विश्व में शान्ति की महिमा व आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारी संस्था में जो दीप प्रज्ज्वलित हो  रहा है उसे अपने हृदय में जलाने की आवश्यकता है। काशी उर्जा की नगरी है, शिव की नगरी है इसके साथ ही साथ ही यह एक ज्योतिलिंग प्रजापिता है। आज समय की मांग है कि हम सभी ब्रह्म बाबा के दिखाए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से सम्पन्न बनायें।
उक्त अवसर पर कार्यक्रम में राजयोगिनी ब्र.क.ु सुरेन्द्र दीदी एवं ब्र.कु. दिपेन्द्र भाई ने ब्रह्माबाबा के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनसे श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा लेने हेतु श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।  इस दौरान विशेष समारोह में  ब्रह्माबाबा को भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की गई। उक्त अवसर पर संस्था की क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी ब्र.कु. सुरेन्द्र दीदी, प्रोफेसर राममोहन पाठक, प्रबन्धक राजयोगी ब्र.कु. दिपेन्द्र भाई एवं ब्र.कु. विपिन ने बाबा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए हार्दिक श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजली समारोह के पश्चात् आयोजित पीस मार्च में लोगों ने हाथों में मोमबत्ती लेकर विश्व शान्ति एवं सद्भावना हेतु विशेष प्रार्थना की। पीस मार्च संस्था के कार्यालय से पुरातत्व संग्रहालय होते हुए सारनाथ चैराहे पर जाकर शान्ति सभा में परिणत हुई। यात्रा के दौरान विश्व शांति एवं सद्भावना के संदेशयुक्त संगीत बजाए गए। हाथों में मोमबत्ती एवं ब्रह्माबाबा के चित्रमय विष्व शान्ति दिवस का बैनर लिए सफेद वस्त्रधारी  ब्रह्माकुमार-कुमारी भाई-बहनों ने विष्व शान्ति एवं सद्भावना हेतु 5 मिनट का मौन धारण किया । यात्रा के आरम्भ में विष्व शांति हेतु गुब्बारे भी छोडे़ गए।
इस अवसर पर देश व दुनिया के अनेक देशों में स्थित संस्था के केन्द्रों पर विश्व शान्ति हेतु विशेष प्रार्थना सभा एवं मौन साधना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर ब्र.कु. रेखा, प्रभा, तापोषी, सरिता, निषा एवं राजु, राजकुमार, सत्यनारायण, गंगाधर, दीपक, संदीप, बृजेश गुप्ता, विजय श्रीवास्तव आदि की उपस्थिति रहे।

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