भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में बौद्ध अनुयायियों ने की धम्मदेशना

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विजय श्रीवास्तव
-विभिन्न बौद्ध मंदिरों में हुए विविध कार्यक्रम
वाराणसी। आस्था व तपस्या की तपोभूमि भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में आज धम्मचक्कपवत्तन दिवस (आषाढ़ी पूर्णिमा) के अवसर पर विभिन्न बौद्ध मन्दिरों में बौद्ध अनुयायियों ने भगवान बुद्ध की धम्मदेशना के साथ विधिवत पूजा अर्चन किया। इस दौरान जहां धर्मचक्र बिहार बौद्ध विहार मन्दिर, सारनाथ में विधिवत कार्यक्रम के साथ हजारों लोंगो को भोजन दान किया गया वहीं महाबोधि सोसायटी आफॅ इण्डिया व केन्द्रीय तिब्बती विश्वविद्यालय में भी कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
धर्म चक्र विहार बौद्ध मन्दिर, मवईयाँ, सारनाथ में धम्मचक्कपवत्तन दिवस (आषाढ़ी पूर्णिमा) बड़े ही हर्’ाोंल्लास से मनाया गया। प्रातः 10 बजे से श्रीलंका बुद्ध विहार, कु”ाीनगर के विहाराधिपति भिक्षु नन्दरतन थेरो ने धम्मदेशना दिया। उन्होंने कहा कि आषाढ़ी पूर्णिमा धम्मचक्कपवत्तन दिवस के दिन ही शाक्यमुनि तथागत गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश पंचषर्वीय ब्राम्हणों को दिया था जो संसार में धम्मचक्कपवत्तन सुत्त के नाम से जाना जाता है और यहीं से तथागत ने अपने धम्म की नींव रखी और उन पांचों ब्राम्हणों ने तथागत को अपना गुरु स्वीकार किया और यहीं से गुरु-शिष्य की परम्परा की शुरुआत हो जाती है। इसलिए इसे गुरुपूर्णिमा भी कहा जाता है और आज से ही भिक्षुओं के लिए वर्षावास की शुरुआत हो जाती है। भिक्षु एक स्थान पर तीन महिने का अधिष्ठान करते है। इसी को ही वर्षावास कहते है। इसीलिए प्रत्येक बौद्धों के लिए आषाढ़ी पूर्णिमा का एक विशेष महत्व है। सम्पूर्ण जम्बूदीप में आषाढ़ी पूर्णिमा विशेष पवित्रता एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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मुख्य अतिथि सम्पूर्णांनंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पालि एवं थेरवाद विभाग के अध्यक्ष प्रो0 रमेश प्रसाद ने कहा कि यह संसार दुःखमय है, इस दुःख से मुक्ति पाने के लि, आर्य अष्टांटिक मार्ग और चार आर्य सत्य को मनुष्य आत्मसात करके दुःख से मुक्ति प्राप्त कर सकता है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत दीपप्रज्वलन एवं पंचशील के द्वारा हुआ। जिसमें सारनाथ के विभिन्न मन्दिरों के भिक्षुओं ने मंगलपाठ किया। तदुतरान्त भिक्षु धर्मप्रिय एवं अजय कुमार मौर्य द्वारा सम्पादीत पालि ग्रन्थ खुद्दकपाठ का अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन विहार के विहाराधिपति भिक्षु धर्मप्रिय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन विहार के प्रबंधक श्री संजय कुमार ने किया। इसमें धर्म चक्र विहार इंटर कालेज के प्रधानाचार्य श्री योगेन्द्र कुमार मौर्य, संजय श्रीवास्तव, डाॅ डी के सिंह,  सहित विद्यालय के अध्यापकगण एवं समस्त छात्र/छात्रायें उपस्थित रहे।

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