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भिक्षु प्रज्ञा रश्मि को बौद्ध भिक्षुओं ने दी श्रद्धांजली

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-भिक्षु संघ ने किया परित्राण पाठ
-23 नवम्बर को हुआ था भन्ते का निधन
वाराणसी। धर्म चक्र विहार बौद्ध मंदिर मवईयां, सारनाथ के संस्थापक एवं विहाराधिपति परम पूज्यनीय भदन्त भिक्षु प्रज्ञा रश्मि (एषो गोतो) का पुन्यानुमोदन, शान्तिपाठ, संघदान एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। जिसमें सर्वप्रथम दीपप्रज्वलन एवं पूज्य भन्ते जी को पुष्पांजलि अर्पित की गई। उसके बाद त्रिशरण और पंचशील के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए भिक्षु महासंघ के द्वारा परित्राण-पाठ का पाठ किया गया, तदुपरान्त धम्मदेशना और संघदान एवं भोजनदान किया गया। जिसमें देश-विदेश से हजारों की संख्या में लोगों ने परम पूज्यनीय भदन्त भिक्षु प्रज्ञा रश्मि (एषो गोतो) श्रद्धांजलि अर्पित की।

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इस दौरान महाबोधि सोसायटी आॅफ इण्डिया के महासचिव भदन्त पी. सीवली थेरो ने कहा कि भन्ते जी ने अल्पायु में ही जापान से भारत में आकर उन्होंने भारतवाषियों के बीच बौद्ध संदेशों को जीवन पर्यन्त प्रचार-प्रसार किये। तदुपरान्त महाबोधि सोसायटी आॅफ इण्डिया, सारनाथ केन्द्र के भिक्षु मेधांकर ने कहा कि जिस प्रकार इषो गोतो भन्ते जी ने जापान से भारत आकर बौद्ध धर्म जितना प्रचार-प्रसार किया, उनके निर्वाण होने के बाद हम सभी भिक्षुसंघ का यह दायित्व बनता है कि हम उनके कारवा को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। जापना से पधारे भिक्षु म्योजित्स्यु ने कहा कि भन्ते जी के अधूरे सपने को हम यहाँ रहकर पूरा करेगे।

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इस अवसर पर डाॅ. भिक्षु स्वरुपानन्द थेरो, डाॅ. भिक्षु के.सिरी सुमेध थेरो, कुशीनगर वर्मा बुद्ध विहार से भिक्षु धम्माध्वजा, जापानी भिक्षुणी, तोसिको ईदाका, सिगरा बुद्ध विहार से भिक्षु सोभना, भिक्षु सत्यपाल, भिक्षु चन्दिमा, भिक्षु ज्ञानालोक, प्रो0 रमेश प्रसाद, प्रो0 संघसेन सिंह आदि वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन श्रीलंका बुद्धविहार, कुशीनगर के भिक्षु नन्दरतन ने किया; अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष भिक्षु धर्मप्रिय ने की; तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक संजय कुमार मौर्य ने की। इसमें काल्जन नोरबू, अजय कुमार मौर्य, अनिल कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, संजय श्रीवास्तव, जापान, वर्मा, श्रीलंका, चीन, थाईलैण्ड आदि सहित विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षुगण उपस्थित थे।

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