माफिया-अपराधियों का साथ देने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत करें बर्खास्त: योगी

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-एक्शन में योगी सरकार
-अभी तक 200 से अधिक कर्मचारी, पुलिसकर्मी व अधिकारी बर्खास्त
-सैकड़ों की संख्या में हुए तबादले
-गो तस्करी पूरी तरह से रोका जाए
-किसानों को कर्ज माफी की कोशिश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का टेलर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन नये-नये फरमान से कर्मचारियों में दहशत है। जिसका आलम है कि स्वच्छता जैसे मुद्दे पर मंत्री से लगायत पुलिसकर्मी तक झाडू लगाते दिखे। मंगलवार की शाम को सीएम ने लखनऊ सचिवालय में गृह विभाग की अहम बैठक  सचिवालय की पांचवीं मंजिल पर हुई जिसमें राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारने के उपायों पर ठोस कदम उठाने के निमित्त निर्णय लिए गये। इस दौरान योगी ने साथ ही कहा कि गो तस्करी को पूरी तरह से रोका जाये।
सचिवालय में हुई इस बैठक में प्रदेश भर के सभी आला अधिकारियों को तलब किया गया था। इनमें डीजी और एडीजी स्तर के सभी आईपीएस अफसर भी शामिल हुए। इसके अलावा राज्य के प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद और कई सीनियर आईपीएस अफसर भी मीटिंग में शरीक हुए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर स्पष्ट किया कि यूपी में अपराध कम करना उनकी सरकार के एजेंडे की प्राथमिकताओं में से एक है।
बैठक में सीएम योगी ने निर्देश दिए कि जो भी पुलिसवाले भूमाफियाओं, वन माफियाओ, गो तस्करों और क्रिमिनल्स के साथ मिले हैं। उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए। जो भी पुलिसवाले किसी भी तरह के क्राइम मे शामिल हैं, उन्हें पहचाना जाए और कार्रवाई हो. मुकदमा किया जाए। गांवों मे पुलिसवालों को पैदल गश्त करने के लिए कहा जाए, जिससे लोगों से जुड़ाव हो. नोएडा मे नाइजीरियन वाली घटना और लखनऊ में बढ़ती लूट की घटनाओं को गंभीरता से लेने को कहा। साथ ही कहा कि हर डीजी-एडीजी अपने तीन महीने के काम का रोड मैप तैयार करे और उसके हिसाब से काम करें। बैठक में उन्होंने कहा कि पुलिसिंग मे बेहद सुधार की जरूरत है। लोगों का भरोसा कानून पर कायम करना होगा. जो भी अधिकारी लापरवाही करे उस पर फौरन एक्शन हो. ऑफिस देर से आने वाले को किसी भी कीमत पर ना बख्शा जाए. हर बड़े अधिकारी को औचक निरीक्षण करना होगा जिससे डर बना रहे। किसी भी फरियादी को लेट ना किया जाए. थाने मे बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि फायर डिपार्टमेंट को हर ब्लॉक स्तर पर फायर टेंडर रखनी होगी ताकि किसानों की फसल मे लगने वाली आग पर फौरन काबू किया जा सके। विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सबसे अहम वायदों में किसानों का कर्ज माफ करना भी था। हालांकि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वित्त मंत्री जेटली ने साफ किया था कि केंद्र सरकार के लिए किसानों का कर्ज माफ करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने सलाह दी थी कि राज्य सरकारों को इसके लिए खुद पैसा खर्च करना होगा।

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