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यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने आज से ही शुरू की तैयारी, अधिसूचना जारी, अब बन सकेगी गांव की अपनी सरकार

विजय श्रीवास्तव
-15 सितंबर से बीएलओ तथा पर्यवेक्षकों को काम बांटने के साथ स्टेशनरी वितरण का काम शुरू
-1 अक्टूबर से शुरू होगा मतदाता सूची का पुनरीक्षण
-1 अक्टूबर से 12 नवंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे गणना
-1 अक्टूबर से 5 नवंबर तक मतदाता ऑनलाइन भी कर सकेंगे आवेदन
-29 दिसम्बर 2020 को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना के बीच अब योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 59,163 ग्राम पंचायतों के गांवों में भी सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी गयी है। इस सन्दर्भ में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम का एलान तक आज कर दिया है। जिससे अब उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव का रास्ता लगभग साफ हो गया है। मालूम हो कि प्रदेश में पंचायत का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। वैसे राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के तारीख की घोषणा अभी नहीं की है लेकिन इसको देखते हुए भले ही कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी चुनाव की तारीख घोषित तिथि घोषित नहीं की गई है, लेकिन आज से ही जिस तरह से बीएलओ तथा पर्यवेक्षकों को काम बांटने के साथ स्टेशनरी वितरण का काम शुरू कर दिया है। उसको देखते हुए इस बात का कयास लगाया जा रहा है कि चुनाव की तारिख की भी घोषणा आयोग शीघ्र कर सकता है। उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस बार जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ कराएगी।


उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर आज अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार के जारी आदेश के क्रम में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए एक अक्टूबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। आज यानी 15 सितंबर से बीएलओ तथा पर्यवेक्षकों को काम बांटने के साथ स्टेशनरी वितरण का काम शुरू कर दिया गया है। यह दोनों काम 30 सितंबर तक खत्म कर लेने होंगे। इसके बाद एक अक्टूबर से 12 नवंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना तथा सर्वेक्षण कार्य करेंगे। एक अक्टूबर से पांच नवंबर में मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने या फिर संशोधन का काम ऑनलाइन हो सकेगा। छह नवंबर से 12 नवंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर ऑनलाइन से प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच करेंगे।
इसके बाद 13 नवंबर से पांच दिसंबर तक ड्राफ्ट नामावलियों की कम्पयूटर से पांडुलिपि तैयार की जाएगी। छह दिसंबर से ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। छह से 12 दिसंबर तक ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित नामावली का निरीक्षण किया जाएगा। छह से 12 दिसंबर के बीच में ही दावा तथा आपत्ति प्राप्त की जाएगी। 13 से 19 दिसंबर तक दावा तथा आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 20 से 28 दिसंबर तक पांडुलिपि को मूल स्थान में समाहित करने की कार्यवाही होगी। प्रदेश में 29 दिसम्बर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
सूबे के जिन जिलों में कोरोना की स्थिति बेहतर नजर आ रही है, वहां पर 15 सितंबर से मतदाता सूची बनाने का काम शुरू हो गया है। आयोग से बुकलेट और प्रपत्र पहले ही भेजे जा चुके हैं। पहले डोर टू डोर सर्वे होगा। बीएलओ गणना कार्ड पर नाम नोट करेंगे, जो पहले से नाम है उनके आधार और मोबाइल नंबर लिए जाएंगे। इसके बाद जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में बचेंगे, उनके नाम फार्म भरवाकर शामिल करे जाएंगे। वैसे गांव की सरकार बनने में तय समय से एक-दो महिनें की देरी संभव हैं तब के लिए सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

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