लखनऊ: आज होगा विवेक तिवारी का अंतिम संस्कार, विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा, सीएम से इस्तीफे की मांग

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क्राइम डेस्क
-जांच के लिए एसआईटी गठित
-लखनऊ हत्याकांड पर सियासत गर्म
-परिजनों ने की सीबीआई जांच और मुआवजे की मांग
लखनऊ। शुक्रवार की देर रात अपने सहयोगी स्टाफ के साथ आफिस से लौट रहे विवेक तिवारी को एक सिपाही के कार न रोकने पर गोली मार कर हत्या किए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। सपा मुखिया अखिलेश सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग कर दी है। वहीं दूसरी ओर इस बात की जानकारी मिल रही है कि परिजन आज सुबह विवेक तिवारी का दाहसंस्कार करेंगे। वैसे इस मामले में जहां दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। साथ ही इस मामले में त्वरित जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गयी है।

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गौरतलब है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में शुक्रवार की रात 1.30 बजे जांच के दौरान गाड़ी नहीं रोकने पर एक पुलिस कॉन्सटेबल प्रशांत ने मल्टीनेशनल कंपनी ऐप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद शनिवार को पूरे दिन जिला-पुलिस प्रशासन से लेकर बैकफुट पर आयी सरकार ने दिन भर इस मामले को सुलझाने में लगी रही। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, सपा से लेकर अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने सीएम के इस्तीफे तक की मांग कर डाली।
मृतक की पत्नी कल्पना तिवारी के सीधे सीएम से बातचीत के बिना अंतिम संस्कार न करने की मांग से माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया। शनिवार को दिन भर पत्नी कल्पना व पीड़ित परिवार को समझाने का दौर चला वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर दिन भर राजधानी में सियासत भी गर्म रही। वेैसे इस मामलें में दोंनो आरोपी सिपाहियों को हिरासत में लेकर जेल भेजने से लेकर बर्खास्त तक की कार्रवाही तक की जा चुकी है। साथ ही पजिनों के जांच की मांग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। कांग्रेस और सपा ने इस घटना को प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था की निशानी बताते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए यूपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

उधर विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही पुलिस विभाग में नौकरी देने और परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की भी मांग की है। जबकि दूसरी ओर डीएम ने कहा कि परिवार की सभी मांगे पूरी की गई हैं, उन्होंने परिजनों को 25 लाख रुपये और पत्नी को नौकरी देने का ऐलान किया। साथ ही डीएम ने मामले की जांच अगले 30 दिनों में पूरी होने की सांत्वना भी दी। साथ ही पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने मामले की जांच के लिए लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है. पुलिस अधीक्षक (अपराध) और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को इसका सदस्य बनाया गया है।

 

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