लाल बत्ती पर मोदी का हमला, 1 मई से अब इमरजेंसी सेवा को छोड़ कोई भी वीआईपी नहीं लगा सकेगा लाल बत्ती

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(विजय श्रीवास्तव)
-कैबिनेट की बैठक में वीवीआईपी कल्चर पर करारा प्रहार
-2019 में नई मशीन पेपर ट्रेल मशीन से होंगे चुनाव
नई दिल्ली। केंद्र में कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी ने बुधवार को वीवीआईपी कल्चर के खिलाफ एक बड़ा फैसले लिया है। जिसके तहत आगामी 1 मई से अब इमरजेंसी सेवा को छोड़ कोई भी वीआईपी नहीं लगा सकेगा लाल बत्ती। इसके साथ ही  कैबिनेट की बैठक में 16 लाख 15 हजार नई मशीन विद वोटर वैरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल खरीदने के लिए 3,173 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दे दी गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में संक्षिप्त चर्चा के बाद वीवीपीएटी यूनिटों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने देश के सभी मतदान केंद्रों के लिए 16 लाख से अधिक पेपर ट्रेल मशीनों की खरीद के लिए 3,174 करोड़ रुपये मांगे हैं। कैबिनेट ने नये इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की खरीद के लिए अब तक दो किस्तों में 1,009 करोड़ रुपये और 9,200 करोड़ रुपये को मंजूरी प्रदान कर चुकी है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी बजट से इन मशीनों के खरीदने के खर्च की व्यवस्था होगी। अप्रैल 2017 में इन मशीनों के लिए ऑर्डर दिए जाएंगे, तो सितंबर 2018 तक इनकी आपूर्ति हो पाएगी. इसके बाद जितने भी चुनाव कराए जाएंगे। उनमें इन मशीनों का इस्तेमाल किया जाए।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि देश में कोई भी व्यक्ति अब 1 मई से देश में लाल बत्ती वाले वाहन का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा, इसके लिए कोई अपवाद भी नहीं है। जेटली ने कहा, नीली बत्ती को लेकर राज्य सरकार फैसला लेती है, लेकिन इस नियम को भी बदला जा रहा। उन्होंने बताया कि ऐंबुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी वीइकल्स के लिए नीली बत्ती होगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री और सभी मंत्रियों की कारों से लाल बत्ती हटायी जाएगी। गडकरी ने कहा कि वीआईपी संस्कृति समाप्त होगी, एक मई से लाल-बत्ती की अनुमति केवल आपात सेवा वाली गाडियों के लिये ही होगी।

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