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लाॅकडाउन में मनाया गया सारनाथ में अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस

विजय श्रीवास्तव
-पूरे विश्व में मनाया जाता है आज अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
-पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों के बच्चों ने घरों में ही तूलिका से कागज पर उकेरा कोरोना के प्रति जागरूकता को

वाराणसी। इस बार कोरोना वैश्विक महामारी के चलते लाॅकडाउन में पूरे विश्व में आज 18 मई को अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया गया। इस दौरान भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ स्थित पुरातात्विक संग्रहालय में आज लाॅकडाउन के चलते सांकेतिक रूप से संग्रहालय दिवस मनाया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए इस अवसर पर किसी भी तरह से जन समारोह नहीें किया गया।


गौरतलब है कि 18 मई को प्राचीन स्मारकों एवं संग्रहालय के विकास के निमित बनी अन्तर्राष्ट्रीय संस्था ICOMOS की अनुशंसा से हर वर्ष पूरेे विश्व में 18 मई को अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाता है। गौरतलब है कि सारनाथ स्थित पुरातात्विक संग्रहालय में भारत का राष्ट्रीय चिन्ह के साथ भगवान बुद्ध के विश्व प्रसिद्ध मुर्तियों का संग्रह है।


इस अवसर पर एक चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जो कि विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चों द्वारा अपने घर में ही रहकर बनाया गया जिसका विषय था ‘‘कोरोना वाइरस (कोेेविड-19) और इससेे बचने के उपाय’’। सभी बच्चों ने अत्यन्त उत्साह से इन चित्रों को अपनी नन्हें-नन्हें हाथों से कागज पर उकेरा जो इस समय फैली महामारी के प्रति उनके ज्ञान को प्रदर्शित करती है। इस प्रदर्शनी को लगाने पर पहले संग्रहालय के दोेनों बरामदों में प्रदर्शित पुरावशेेषों को विभाग के सभी कर्मचारियों द्वारा साफ भी किया गया। इस दौरान एक जनसंदेश कोे संग्रहालय के मुख्य द्वार पर सड़क पर पेंट भी कराया गया। इस संदेश का उद्देश्य था कि विद्यार्थियों एवं जन सामान्य का संयुक्त रूप से कोरोेना वाइरस महामारी एवं अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के बारें में बताया जा सके और उनको जागरूक किया जा सके। इस संकल्पना को सभी के द्वारा बहुत सराहा गया।


संग्रहालय दिवस पर कार्यक्रम को डा0 नीरज कुमार सिन्हा (अधीक्षण पुरातत्वविद्, सारनाथ मंडल) की देखरेख में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पुरातात्विक विद् डाॅ नितेश सक्सेना सहित मंडल के सभी कर्मचारी उपस्थित रहें और सामाजिक दूरी एवं मास्क लगाकर भारत सरकार के दिशा निर्देश का पालन किया।

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